पुल बना झटपट, फिर पटरी पर लौटी “पहाड़ों की रानी” नैरोगेज ट्रेन सीनियर डीईएन शुभम पवार की स्पीड के आगे पहाड़ भी बोले – अब चलो भाई ट्रेन!

हिमाचल की वादियों में फिर गूंजेगी नैरोगेज ट्रेन की सीटी

जम्मू मंडल ने पठानकोट बैजनाथ पपरोला जोगिंदर नगर रेल सेवाएं बहाल कीं, यात्रियों में खुशी की लहर

Northern Railway के जम्मू मंडल ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए पठानकोट बैजनाथ पपरोला जोगिंदर नगर नैरोगेज रेलखंड पर ट्रेन सेवाओं की बहाली का निर्णय लिया है। लंबे इंतजार के बाद अब इस खूबसूरत पर्वतीय रेल मार्ग पर फिर से ट्रेनों की आवाज सुनाई देगी। सभी ट्रेन सेवाएं 2 जून 2026 से दोबारा शुरू होंगी।

रेल सेवाओं की बहाली से हिमाचल प्रदेश और पंजाब के हजारों यात्रियों, पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस नैरोगेज रेल मार्ग को देश के सबसे मनमोहक रेल सफरों में गिना जाता है।

रेल प्रशासन के अनुसार ट्रेन संख्या 52465 और 52467 पठानकोट से बैजनाथ पपरोला के लिए प्रतिदिन संचालित होंगी, जबकि ट्रेन संख्या 52470 और 52474 बैजनाथ पपरोला से पठानकोट के लिए चलेंगी। ये ट्रेनें डलहौजी रोड, नूरपुर रोड, ज्वालामुखी रोड, कांगड़ा, कांगड़ा मंदिर, पालमपुर हिमाचल और पंचरुखी सहित अनेक महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव देंगी।

इसके अतिरिक्त बैजनाथ पपरोला जोगिंदर नगर सेक्शन पर भी ट्रेन सेवाएं बहाल की गई हैं। ट्रेन संख्या 52473 बैजनाथ पपरोला से जोगिंदर नगर तथा ट्रेन संख्या 52472 जोगिंदर नगर से बैजनाथ पपरोला के बीच संचालित होगी।

नूरपुर रोड बैजनाथ पपरोला तथा ज्वालामुखी रोड बैजनाथ पपरोला सेक्शन पर भी विशेष ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू की जा रही हैं, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और अधिक मजबूत होगा।

रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जताई है। खास बात यह रही कि जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल अभियंता शुभम पवार के नेतृत्व में पुल और ट्रैक से जुड़े कार्यों को तेज गति से पूरा किया गया, जिसके कारण निर्धारित समय में रेल सेवाओं की बहाली संभव हो सकी। कठिन परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में तेजी से कार्य पूरा कर इंजीनियरिंग विभाग ने सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा प्रारंभ करने से पहले विस्तृत समय सारणी की जानकारी निकटतम रेलवे स्टेशन, हेल्पलाइन अथवा आधिकारिक रेलवे वेबसाइट से प्राप्त करने की अपील की है।

ट्रेन सेवाओं की पुनर्बहाली से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश के पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।