अहमदाबाद मंडल ने रचा नया कीर्तिमान, मई में 517 करोड़ रुपये से अधिक का माल भाड़ा राजस्व अर्जित

अहमदाबाद मंडल ने रचा नया कीर्तिमान, मई में 517 करोड़ रुपये से अधिक का माल भाड़ा राजस्व अर्जित

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने मई 2026 में माल लदान, राजस्व अर्जन, बुनियादी ढांचा विकास और यात्री सेवाओं के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। मंडल ने न केवल माल परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, बल्कि परिचालन दक्षता और यात्री सुविधाओं के मामले में भी नई उपलब्धियां हासिल की हैं।

मंडल ने मई 2026 के दौरान 517.34 करोड़ रुपये का माल भाड़ा राजस्व अर्जित किया, जो इसकी मजबूत परिचालन क्षमता और बढ़ती माल ढुलाई गतिविधियों को दर्शाता है। इस अवधि में कुल 3.93 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 3.83 मिलियन टन की तुलना में 2.6 प्रतिशत अधिक है। प्रतिदिन औसतन 2639 वैगनों का लदान कर मंडल ने एक नया रिकॉर्ड बनाया।

माल ढुलाई में नमक, उर्वरक और अन्य वस्तुओं के परिवहन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। औद्योगिक नमक सहित नमक के लदान में 31.53 प्रतिशत, उर्वरकों में 13.02 प्रतिशत और अन्य वस्तुओं में 22.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई। माल लदान के मामले में गांधीधाम क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां प्रतिदिन औसतन 1937 वैगनों का लदान किया गया।

मंडल ने बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) के माध्यम से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी नई पहल की। 5 मई को "कच्छ से कश्मीर" माल परिवहन अभियान के तहत भीमासर से बारी ब्राह्मण और अनंतनाग के लिए खाद्य तेल की पहली खेप रवाना की गई। इस पहल को व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में भी अहमदाबाद मंडल ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। चांदखेड़ा-गांधीग्राम वाई-कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद 29 मई को इस मार्ग पर पहली ट्रेन का सफल संचालन किया गया। इसके अलावा मंडल ने मई माह में रिकॉर्ड 149 लॉन्ग-हॉल ट्रेनें चलाईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 432 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाती हैं। इसी अवधि में 1720 क्रैक ट्रेनों का संचालन भी किया गया।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के इंटरचेंज में भी 7.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि परिचालन बाधाओं को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की गईं। इनमें राधनपुर-पिपली खंड पर एक लेवल क्रॉसिंग को समाप्त करना तथा सनोसरा-नलिया खंड के पुलों पर गति प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है।

यात्री सेवाओं के मोर्चे पर भी मंडल ने बेहतर प्रदर्शन किया। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालनबद्धता बढ़कर 93.12 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछले वर्ष 91.06 प्रतिशत थी। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभिन्न ट्रेनों में 434 अतिरिक्त कोच लगाए गए।

मई माह के दौरान भुज-दिल्ली दैनिक एक्सप्रेस और ओखा-तिरुपति साप्ताहिक एक्सप्रेस जैसी नई रेल सेवाओं की शुरुआत की गई। वहीं जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक किया गया तथा सुरेंद्रनगर-ध्रांगध्रा डेमू सेवा को नियमित ट्रेन सेवा का दर्जा दिया गया।

अहमदाबाद मंडल का यह प्रदर्शन माल एवं यात्री परिवहन, सुरक्षा, अधोसंरचना विकास और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में उसकी मजबूत कार्यशैली और दूरदर्शी योजना का प्रमाण है। मंडल ने पश्चिम रेलवे की समग्र प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए विकास की नई इबारत लिखी है।