शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पहली प्राथमिकता - शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।

वाल्मीकि नगर अपने एक दिवसीय दौरे पर शनिवार की देर शाम पहुंचे शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भाजपा प्रशिक्षण शिविर गोपालगंज जो कि वाल्मीकिनगर स्थित कन्वेंशन सेंटर में चल रहा था के समापन सत्र में शामिल हुए।वहीं समापन सत्र में बेतिया सांसद संजय जायसवाल भी शामिल हुए।इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री तिवारी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि2005 से पहले शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त थी। बिहार के मुख्यमंत्री के द्वारा बिहार को चरवाहा विद्यालय का तोहफा दिया गया। 2005 से माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार का 20 साल का सफ़र तय किया गया। और इस बीच बिहार में आई आई टी, इंजीनियरिंग तथा पॉलिटेक्निक खोला गया। अब तो आई आई एम भी बनकर तैयार है। वहाँ बच्चे अब शिक्षा लेंगे। पहले आई आई एम सिर्फ अहमदाबाद में ही था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने सभी क्षेत्रों में काफी ऊँचा उड़ान तय किया। अब इसको आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हम सभी को है। अभी एजूकेशन विथ स्किल पर जोर देना होगा। बच्चे स्कूल से जब पढ़ के निकलेंगे ,तो वो पूरी तरह स्किल्ड होकर निकलेंगे। अगले छह महीने में बड़ा परिवर्तन होगा। अब दुनिया के मार्केट में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। उन्होंने आगे बताया किकि हमारी पार्टी ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जहां बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण दिया जाता हैं। प्रशिक्षण में कई आयाम होते है। हमें ट्रेनिंग देने के लिए कोई बाहर से नही आता है। हमारे ही बीच के कार्यकर्ताओ के द्वारा किसी किसी विषय पर विचार साझा किया जाता है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की है कि हमारे बिहार सरकार के पदाधिकारी,अधिकारी तथा मिनिस्टर बाहर घूमने के लिए नही जाए। घूमने के लिए हमारे बिहार में ही ऐसा ऐसा जगह है कि अगर वो यहां के पर्यटन को देखेंगे तो घूमने के लिए बाहर जाना भूल जाएंगे। जैसे देश के जम्मू कश्मीर की वादियाँ है वैसे ही हमारे बिहार के लिए वाल्मीकिनगर है। हमारे पास टाइगर रिजर्व है। इतना अच्छा व्यवस्था है। अगर बिहार के 14 करोड़ लोग वाल्मीकिनगर के तरफ रुख करेंगे तो संभवतः यह देश क्या दुनियां का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल होगा।भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की है। उसे मजबूती से लागू करने की जिम्मेवारी हमारी है। इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने प्राइवेट विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिया है। हमारा विभाग उस पर आगे बढ़ रहा है। प्राइवेट विद्यालय चलाने वालो को अभिभावक के सेंटीमेंट पर ध्यान रखना होगा। अभिभावक के ऊपर अर्थ का बोझ ना पड़े और छात्रों के ऊपर बैग का, यह दोनों जरूरी है। बिहार में 95 हजार के लगभग विद्यालय है। जिसमें 20 हजार विद्यालय प्राइवेट है बाकी सभी सरकारी विद्यालय है। लगभग 80 प्रतिशत बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ते हैं। सरकारी विद्यालय के गुणवत्ता को तथा इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राइवेट स्कूल से अच्छा करने के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है।इस कार्य में थोड़ा समय लगेगा क्योंकि इसके लिए बहुत बड़े संसाधन की आवश्यकता होगी। लेकिन पी एम श्री योजना, समग्र शिक्षा आदि योजना को धरातल पर लागू करने से सरकारी विद्यालय की स्ट्रक्चर आगे हो जाएगा।माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा बिहार में सरस्वती विद्या निकेतन सभी प्रखंडों में खोलने का ऐलान किया गया है। जुलाई महीने में इसे लॉन्च किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल होगा। जिसका नाम सरस्वती विद्या निकेतन होगा। इस स्कूल की व्यवस्था ऐसी होगी कि उस प्रखंड के सभी बच्चे का सपना मॉडल स्कूल में एडमिशन लेने का होगा। इसमें शिक्षक विशेष होंगे। होंगे सभी शिक्षक तो विद्यालय के ही लेकिन उनकी गुणवत्ता परख कर ही उन्हें सरस्वती विद्या निकेतन में लिया जाएगा। जिलास्तर के चुनिंदा विद्यालय को भी मॉडल स्कूल में परिवर्तित करने की कोशिश किया जाएगा।इस अवसर पर डीपीओ रविंद्र कुमार,डीपीओ स्थापना गार्गी कुमारी,डीपीओ एम डी एम कुमकुम पाठक,बी ई ओ फुदन राम,एन जी वाई के प्रधानाचार्य राकेश राव,बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बगहा विधायक राम सिंह,भाजपा जिला अध्यक्ष अचिंत्य लल्ला,भाजपा नेता भूपेंद्र नाथ तिवारी,ऋतु जायसवाल, ओम निधि वत्स,अमरेश श्रीवास्तव,विजय साहनी,नागेन्द्र साहनी,जय हिंद साहू,रवि प्रकाश सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।