हेतमपुर-धौलपुर खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू, रेल संचालन होगा अधिक सुरक्षित और समयबद्ध

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल संरक्षा और ट्रेनों की समयबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक शुरू कर दी है। 13.56 किलोमीटर लंबे इस खंड में नई तकनीक लागू होने से अब ट्रेनें कम दूरी पर भी सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकेंगी, जिससे लाइन क्षमता में वृद्धि और ट्रेनों की पंक्चुअलिटी में सुधार होगा।यह कार्य उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता सतेंद्र कुमार, मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (प्रोजेक्ट-।।) भोलेन्द्र सिंह तथा मुख्यालय टीम के सहयोग से पूरा किया गया।परियोजना के तहत हेतमपुर और धौलपुर स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को अपग्रेड किया गया है, जिससे सिग्नल संचालन अधिक सटीक और तेज हो गया है। कठिन भू-भाग में यह उपलब्धि रेलवे के लिए तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।खंड में 72 अत्याधुनिक ट्रैक डिटेक्शन उपकरण (MSDAC) लगाए गए हैं, जो ट्रेनों की स्थिति का सटीक पता लगाकर सिग्नलिंग प्रणाली को और अधिक भरोसेमंद बनाते हैं। इसके अलावा 12 पुराने सिग्नलों को अपग्रेड कर चार-पहलू (4-Aspect) प्रणाली में बदला गया है, जबकि 15 नए चार-पहलू सिग्नल भी लगाए गए हैं। इससे लोको पायलटों को दूर से स्पष्ट संकेत मिल सकेंगे और ट्रेन संचालन अधिक सुगम होगा।इस कार्य के पूरा होने के बाद दिल्ली-चेन्नई मेन लाइन रूट पर झांसी मंडल के दैलवरा स्टेशन से नई दिल्ली तक अप एवं डाउन मेन लाइन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग व्यवस्था स्थापित हो गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना यात्रियों को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध यात्रा अनुभव प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगी।