कटिहार मंडल में आधुनिक स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग शुरू, ट्रेन संचालन होगा अधिक सुरक्षित व तेज

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) द्वारा सुरक्षा और परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एनएफआर के कटिहार मंडल के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा-किशनगंज-हटवार-कानकी-सूर्यकमल सेक्शन में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) प्रणाली को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है।यह नव स्थापित एबीएस सेक्शन लगभग 30 किलोमीटर लंबा है, जिसमें कुल पाँच स्टेशन शामिल हैं। इनमें तीन इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) स्टेशन तथा दो पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) स्टेशन शामिल किए गए हैं। इस परियोजना के अंतर्गत परिचालन सुरक्षा और सिग्नलिंग दक्षता बढ़ाने के लिए चार ऑटो सिग्नल हट भी बनाए गए हैं।इस सेक्शन में कुल 14 लेवल क्रॉसिंग गेट मौजूद हैं, जिनमें से छह गेटों को स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के साथ इंटरलॉक किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित व सुगम होगा। साथ ही, इस मार्ग पर 196 मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) डिटेक्शन प्वाइंट और 40 नए स्वचालित सिग्नल भी लगाए गए हैं।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग शुरू होने से इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर में लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, समय पालन में सुधार तथा ट्रेन संचालन की सुरक्षा और दक्षता में बड़ा फायदा मिलेगा।एनएफआर द्वारा बीते वर्षों में सिग्नलिंग एवं सुरक्षा उन्नयन के कई कार्य किए गए हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान एनएफआर ने कुल 24 इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग गेट स्थापित किए, पाँच पैनल इंटरलॉकिंग प्रणालियों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदला गया, 22.29 रूट किलोमीटर में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग लागू की गई तथा 25 स्लाइडिंग बूम भी लगाए गए हैं।एनएफआर ने बताया कि इस आधुनिक प्रणाली का विस्तार भविष्य में गुवाहाटी तक किए जाने की योजना है, जिससे रेलवे नेटवर्क की क्षमता और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।इस संबंध में कपिंजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह परियोजना रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की एनएफआर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।