उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में निर्णय निर्माण पर विशेष कार्यशाला

उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में निर्णय निर्माण पर विशेष कार्यशाला

अधिकारियों के बौद्धिक व प्रशासनिक कौशल विकास को लेकर हुआ विचार-विमर्श

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर में बुधवार को अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से निर्णय निर्माण ? व्यक्तिपरक पहलुओं की पड़ताल विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों में प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना तथा जटिल परिस्थितियों में संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना रहा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में श्री रघुनंदन प्रसाद, पूर्व नियंत्रक भंडार, मध्य रेलवे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के आधार पर अधिकारियों को निर्णय प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया।

मुख्य वक्ता ने बताया कि निर्णय लेते समय केवल नियमों और प्रक्रियाओं का ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभव, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, परिस्थितियों का विश्लेषण, व्यवहारिक सोच और नेतृत्व क्षमता जैसे पहलुओं का भी विशेष महत्व होता है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे हर स्थिति में संतुलन बनाए रखते हुए त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें, ताकि संगठनात्मक कार्यों में गुणवत्ता और परिणाम बेहतर हो सकें।

कार्यशाला के दौरान प्रशासनिक कार्यों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, टीमवर्क बढ़ाने और सकारात्मक नेतृत्व शैली विकसित करने पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी करते हुए विषय से जुड़े अनुभव साझा किए और प्रश्नोत्तर के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

इस अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा कि बदलते कार्य परिवेश में प्रभावी निर्णय क्षमता और सकारात्मक नेतृत्व शैली किसी भी संगठन की सफलता की कुंजी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे कार्यशाला में मिले मार्गदर्शन को अपने दैनिक कार्यों में लागू करें और जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से करें।

कार्यशाला में अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी, प्रमुख विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण उपस्थित रहे।