एनएफआर ने चाय परिवहन को बढ़ावा देने के लिए स्टेकधारकों के साथ की बैठक

गुवाहाटी। चाय उद्योग के लिए रेल आधारित कंटेनर परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने एक अहम पहल की है। एनएफआर ने 6 मई 2026 को अपने जोनल मुख्यालय मालीगांव में चाय उद्योग से जुड़े प्रमुख स्टेकधारकों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर, चाय संगठनों के प्रतिनिधि, निर्यातक और उत्पादक शामिल रहे।

एनएफआर अधिकारियों ने बताया कि असम में प्रतिवर्ष लगभग 160 मिलियन किलोग्राम निर्यात-उन्मुख चाय का उत्पादन होता है। बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांग को देखते हुए इस बैठक का उद्देश्य चाय की ढुलाई को रेल आधारित कंटेनर सेवाओं के माध्यम से बढ़ावा देना है। रेलवे द्वारा कंटेनर परिवहन से लागत में कमी, तेज और सुरक्षित परिवहन, विश्वसनीयता, हैंडलिंग के दौरान नुकसान कम होने तथा पर्यावरण के अनुकूल ढुलाई जैसे कई लाभ मिलते हैं।

बैठक के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और चाय उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने चाय परिवहन के लिए रेल कनेक्टिविटी, परिचालन समन्वय और कंटेनर हैंडलिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही ऐसी रणनीतियों पर भी विचार किया गया जिससे रेलवे अधिकाधिक चाय परिवहन आकर्षित कर सके और उद्योग को निर्बाध व ग्राहक-अनुकूल सेवाएं प्रदान की जा सकें।

एनएफआर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इस दौरान कुल 11.4 मिलियन टन माल की लोडिंग की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। वहीं अनलोडिंग में भी सुधार हुआ है, जहां वित्त वर्ष 2024-25 में 12,346 रेक की तुलना में 2025-26 में 13,034 रेक अनलोड किए गए, यानी 688 रेक की वृद्धि दर्ज की गई।

एनएफआर द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र में माल परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए आधुनिक माल टर्मिनल और मल्टीमॉडल कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं का विकास भी किया जा रहा है। मिजोरम के सायरंग और नागालैंड के मॉलवॉम में नए टर्मिनल तैयार किए गए हैं, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और सामग्री की पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही पूरे जोन में विकसित किए जा रहे गति शक्ति कार्गो टर्मिनल कंटेनर हैंडलिंग और फर्स्ट माइल-लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहे हैं।

एनएफआर अधिकारियों ने कहा कि यह पहल पूर्वोत्तर में सतत परिवहन को बढ़ावा देने, माल ढुलाई के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने और आर्थिक विकास को सहयोग देने के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कपिंजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी