सियालदह मंडल की सराहनीय पहल: वाणिज्यिक कर्मचारियों को मिला सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण, यात्री सेवा होगी और बेहतर

कोलकाता। यात्री सेवा के स्तर को और अधिक बेहतर बनाने तथा रेल उपयोगकर्ताओं के साथ मजबूत और सकारात्मक संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से सियालदह मंडल के वाणिज्यिक विभाग द्वारा फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के व्यवहार, संवाद क्षमता और सेवा गुणवत्ता को और प्रभावी बनाना है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रेलवे के फ्रंटलाइन कर्मचारी ही यात्रियों के लिए पहला संपर्क बिंदु होते हैं और उनका व्यवहार ही भारतीय रेलवे की छवि को दर्शाता है। प्रशिक्षण सत्र में जनसंपर्क कौशल, प्रभावी संवाद, सहानुभूति और विनम्रता को प्राथमिकता देते हुए कर्मचारियों को व्यावहारिक तरीके से मार्गदर्शन दिया गया।

प्रशिक्षण में कर्मचारियों को क्या करें (Do's) और क्या न करें (Don'ts) के स्पष्ट ढांचे के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों में यात्रियों से व्यवहार करने की सही प्रक्रिया समझाई गई। इसमें यात्रियों की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनना, स्पष्ट जानकारी देना, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना तथा तनावपूर्ण स्थितियों में शांतिपूर्वक समाधान निकालने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया।

इसके साथ ही सॉफ्ट स्किल्स के सात प्रमुख पहलुओं संचार, भावनात्मक समझ, समय प्रबंधन, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, अनुकूलन क्षमता और टीम वर्क को अपनाने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया गया।

मंडल अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि इससे संचार में सुधार होगा और सहायता प्रक्रिया अधिक सरल व प्रभावी बनेगी। सियालदह मंडल ने दोहराया कि वह Passenger First की भावना के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यात्री सेवा को निरंतर उन्नत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।