सियालदह मंडल की सतर्क टिकट जांच टीम ने बेरहामपुर स्टेशन पर फर्जी टीटीई का किया पर्दाफाश

सियालदह मंडल की सतर्क टिकट जांच टीम ने बेरहामपुर स्टेशन पर फर्जी टीटीई का किया पर्दाफाश

यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा, आरोपी जीआरपी के हवाले

कोलकाता। सियालदह मंडल की टिकट जांच टीम ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बेरहामपुर स्टेशन पर एक फर्जी टीटीई को पकड़कर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। आरोपी खुद को प्रशिक्षु टिकट परीक्षक (TTE) बताकर यात्रियों से धोखाधड़ी कर रहा था। यह घटना 26 अप्रैल की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार,26 अप्रैल को दोपहर करीब 14:55 बजे ट्रेन संख्या 31774 के यात्रियों के लिए फुट ओवर ब्रिज पर नियमित टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने एक व्यक्ति के संदिग्ध व्यवहार को देखा। जब उससे पहचान पत्र या अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, तो उसने स्वयं को रेलवे का टिकट जांच स्टाफ बताकर जांच से बचने का प्रयास किया।

हालांकि, जब वाणिज्य निरीक्षक बेरहामपुर कोर्ट ने उसकी पहचान और सेवा विवरण की पुष्टि के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने कुछ दस्तावेज और कागजात दिखाए, जिन्हें जांच के दौरान फर्जी और अनैतिक पाया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आरपीएफ टीम को सूचना दी गई। आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रेलवे का कर्मचारी नहीं है और उसने नकली पहचान के सहारे लोगों को ठगने का प्रयास किया।

आरोपी ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि वह एक बड़े गिरोह का हिस्सा है, जहां कोलकाता में लोगों को फर्जी तरीके से "प्रशिक्षण" देकर अलग-अलग स्टेशनों पर प्रशिक्षु टीटीई बनाकर तैनात किया जाता है। इनका उद्देश्य यात्रियों से अवैध रूप से पैसे वसूलना और रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाना होता है।

आरोपी ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोग भी अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय हैं। मंडल प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि बेरहामपुर कोर्ट की जांच टीम की सतर्कता से एक बड़े भर्ती और धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

फर्जी टीटीई को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सौंप दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट जांच करने वाले किसी भी कर्मचारी से पहचान पत्र अवश्य देखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आरपीएफ/जीआरपी को दें।