Chandauli News:बम विस्फोट कांड में जमानत पर बाहर आया हिस्ट्रीशीटर विकास सिंह,निर्दोष बताने के दावे पर उठे सवाल, पुराने रिकॉर्ड ने खोली परतें

खुश्बू किन्नर के घर हुए धमाके में पुलिस ने विकास को माना था मुख्य आरोपी,तत्कालीन थाना प्रभारी अतुल प्रजापति की कार्रवाई पर उठे आरोपों को पुलिस ने बताया निराधार

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय�

चंदौली:जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के मोहरगंज इलाके में करीब तीन माह पूर्व खुश्बू किन्नर के घर हुए बम विस्फोट मामले में नामजद हिस्ट्रीशीटर विकास सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत पर बाहर आते ही विकास सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन उसके पुराने आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसके दावों पर संदेह गहराता जा रहा है।

घटना के समय पुलिस ने जांच के आधार पर विकास सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए कार्रवाई की थी। तत्कालीन बलुआ थाना प्रभारी अतुल प्रजापति के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को उस समय साक्ष्यों के आधार पर मजबूत बताया गया था। अब जमानत मिलने के बाद उन्हीं पर आरोप लगाना पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।बताया जाता है कि विस्फोट में जिलेटिन रॉड और बारूद का इस्तेमाल हुआ था, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पीड़ित पक्ष खुश्बू किन्नर ने भी शुरू से ही सख्त कार्रवाई की मांग की थी और पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा जताया था।विकास सिंह का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा रहा है। वर्ष 2017 से लेकर अब तक उसके खिलाफ चोरी, मारपीट, धमकी, दंगा, गाली-गलौज, लूट और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 2025 में उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह बलुआ थाना क्षेत्र का टॉप-टेन हिस्ट्रीशीटर भी रहा है।इतना ही नहीं, अवैध हथियार रखने, जानलेवा हमला करने और आपराधिक गिरोह बनाकर धन अर्जित करने जैसे आरोप भी उस पर लगते रहे हैं।वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना उसकी आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि करता है।

जमानत के बाद विकास सिंह द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी अतुल प्रजापति पर फंसाने का आरोप लगाना पुलिस अधिकारियों को रास नहीं आ रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि उस समय की गई कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों और तथ्यों पर आधारित थी और जांच प्रक्रिया का पालन किया गया था।लोगों का मानना है कि इस तरह के हिस्ट्रीशीटर अपराधियों द्वारा खुद को निर्दोष बताकर सहानुभूति लेने की कोशिश कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाए।फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।जबकि विकास सिंह की गतिविधियों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।