सुरेश पैगवार को मिला ‘साहित्य शिरोमणि सम्मान–2026’, युवा कवि योगेश्वर सिंह राठौर बने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में द्वितीय

बिलासपुर। मध्यप्रदेश के तिरोड़ी स्थित मॉयल मंगल भवन में 12 अप्रैल को आयोजित राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मेलन में जांजगीर के प्रतिष्ठित कवि एवं साहित्यकार सुरेश पैगवार को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान के लिए ?साहित्य शिरोमणि सम्मान?2026? से सम्मानित किया गया।
सम्मेलन चार सत्रों में संपन्न हुआ। इसी दौरान दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित राष्ट्रीय स्तर की युवा काव्यपाठ प्रतियोगिता में जांजगीर के युवा कवि योगेश्वर सिंह राठौर ने देशभर के चयनित प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता सत्र के मुख्य अतिथि सुरेश पैगवार रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रितेश माने (मॉयल तिरोड़ी खान) ने की। विशिष्ट अतिथियों में भैया लाल नागवंशी, पंकज जुगनू (परसवाड़ा) एवं डॉ. गोपाल राम साहू (छत्तीसगढ़) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि दिनेश देहाती ने किया।
पिछले 23 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे इस राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मेलन में इस वर्ष देशभर से चयनित 13 विशिष्ट प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सुरेश पैगवार को यह सम्मान विशेष रूप से भारतीय रेलवे के लिए रचित उनके लोकप्रिय ?रेल गीत? भारत के जीवन की रेखा, है अपना ये रेलवे? तथा स्वच्छता जागरूकता गीत ?चलो करें ये वादा, रेल को स्वच्छ बनाएंगे? के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान स्व. बद्री नारायण चौकसे की स्मृति में, उनके सुपुत्र श्री सत्यनारायण चौकसे, मॉयल लिमिटेड के खान प्रबंधक श्री मनीष ढोके सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।
रात्रि में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में विनोद नयन (जबलपुर), शादाब अंजुम (नागपुर), विरेन्द्र विद्रोही (ललितपुर), सुरेश पैगवार (जांजगीर), पंकज जुगनू (वर्धा) सहित कवयित्रियों माधुरी किरण (बालाघाट), निशा आनंद तिवारी (भिलाई) एवं प्रमिला किरण (इटारसी) ने काव्यपाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
उल्लेखनीय है कि सुरेश पैगवार वर्तमान में राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक, राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद के जिला सचिव, जिला उद्घोषक संघ के अध्यक्ष सहित विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।
इस उपलब्धि पर बिलासपुर एवं जांजगीर के वरिष्ठ साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सुरेश पैगवार एवं योगेश्वर सिंह राठौर को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।