जम्मू मंडल माल ढुलाई को मिलेगी रफ्तार: बजालता में गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल साइडिंग के लिए रेलवे व BPCL के बीच कमर्शियल समझौता

जम्मू मंडल में माल ढुलाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जम्मू स्थित बजालता में विकसित किए जा रहे ?गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल? (GCT) रेलवे साइडिंग के लिए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच आज एक अहम वाणिज्यिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते पर जम्मू मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल तथा BPCL की ओर से श्री चंदन चौहान, टेरिटरी मैनेजर (रिटेल) - जम्मू ने हस्ताक्षर किए।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह समझौता जम्मू सामान्य उपयोगकर्ता सुविधा (CUF) के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स और परिवहन दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बजालता में विकसित हो रही नई साइडिंग के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों की तेज और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी, जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और अधिक मजबूत होगी।

यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत व्यापार को सुगम बनाने, आधारभूत ढांचे के विकास तथा रेलवे और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच बेहतर समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

109225 KL भंडारण क्षमता, प्रतिदिन 2 रैक हैंडलिंग

बजालता में विकसित किए जा रहे इस टर्मिनल की कुल भंडारण क्षमता 109225 KL होगी। यह टर्मिनल प्रतिदिन 02 रैक हैंडलिंग की क्षमता रखता है, जिससे हर माह लगभग 1,62,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति संभव होगी। टर्मिनल में आधुनिक और सुरक्षित टैंक वैगनों के माध्यम से हैंडलिंग की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इसे माह के अंत तक संचालन में लाए जाने की संभावना है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक पहल

रेलवे अधिकारियों ने इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए ऊर्जा सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। अत्याधुनिक स्वचालन और रेल-सड़क कनेक्टिविटी से लैस यह टर्मिनल आने वाले वर्षों में क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

सड़कों पर घटेगा दबाव, प्रदूषण में आएगी कमी

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि टर्मिनल शुरू होने के बाद जम्मू शहर की सड़कों पर टैंक लॉरियों का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी। उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। रेल द्वारा परिवहन सड़क की तुलना में अधिक किफायती होने से उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी तथा कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों को समर्पित टैंक वैगनों और आधुनिक टर्मिनल से परिवहन करने पर स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

राघवेंद्र सिंह जनसम्पर्क निरीक्षक जम्मू मंडल