प्रधान पर जानलेवा हमले की साजिश का आरोप, पीड़ित ने चकिया कोतवाली में दी तहरीर, जांच में जुटी पुलिस

�प्रधान पर जानलेवा हमले की साजिश का आरोप, पीड़ित ने चकिया कोतवाली में दी तहरीर, जांच में जुटी पुलिस


चकिया (चंदौली)। जनपद चंदौली के चकिया क्षेत्र के ग्राम पचफेड़िया में ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगने से इलाके में हड़कंप मच गया है। गांव निवासी महेंद्र सिंह ने वर्तमान ग्राम प्रधान और उसके सहयोगियों पर जान से मारने के प्रयास और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।


क्या है पूरा मामला


प्रार्थी महेंद्र सिंह के अनुसार, वह एक शांतिप्रिय व्यक्ति हैं और गांव में कथित भ्रष्टाचार व अवैध कार्यों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इसी रंजिश में ग्राम प्रधान राजकुमार यादव उनसे नाराज चल रहा था।


पीड़ित का आरोप है कि 9 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:30 बजे प्रधान अपने तीन अज्ञात सहयोगियों के साथ चारपहिया वाहन से उनके दरवाजे पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए बाहर निकलने के लिए ललकारने लगा। आरोप है कि प्रधान ने खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए अपने साथ आए लोगों को गोली मारने के लिए उकसाया।


महेंद्र सिंह के मुताबिक, कुछ देर बाद आरोपी पास के एक घर (शोभनाय प्रजापति के यहां) जाकर लौटे और फिर से उनके दरवाजे पर आकर धमकाने लगे। जब प्रार्थी ने बाहर आकर विरोध किया तो स्थिति और बिगड़ गई।


पड़ोसियों के आने से टली बड़ी घटना


पीड़ित ने बताया कि हल्ला-गुल्ला सुनकर आसपास के लोग?अनिल प्रजापति, राकेश सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से जाते समय धमकी देकर फरार हो गए कि ?अगली बार बच नहीं पाओगे।?
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने शिकारगंज चौकी और चकिया पुलिस को फोन के माध्यम से सूचना दी।


पुलिस ने लिया संज्ञान


इस मामले में अर्जुन सिंह, थाना प्रभारी चकिया ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है और मामला प्रथम दृष्टया गंभीर एवं संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।


उन्होंने कहा, ?घटना की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।?


ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग


घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति बिगड़ सकती है। वहीं पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


ग्राम प्रधान पर लगे इस गंभीर आरोप ने पंचायत स्तर की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि सच्चाई क्या सामने आती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।