चकिया में सूफियाना रंग में रंगेगा माहौल: बाबा कोट शाह रहमतुल्लाह अलैह के उर्स पर भव्य कव्वाली मुकाबले का आयोजन

चकिया में सूफियाना रंग में रंगेगा माहौल: बाबा कोट शाह रहमतुल्लाह अलैह के उर्स पर भव्य कव्वाली मुकाबले का आयोजन

चकिया (चंदौली)। जनपद के चकिया क्षेत्र के सिकंदरपुर स्थित बाबा कोट शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह एक बार फिर आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बनने जा रही है। रविवार की शाम यहां सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और तैयारियों का माहौल है। आयोजकों के अनुसार, इस बार का उर्स न केवल धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि सांस्कृतिक सौहार्द और भाईचारे का भी एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

उर्स मुबारक इस्लामिक परंपरा में सूफी संतों की याद में मनाया जाने वाला एक पवित्र आयोजन है, जिसमें लोग उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए उनकी दरगाह पर हाजिरी लगाते हैं। बाबा कोट शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर हर वर्ष आयोजित होने वाला यह उर्स क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले अकीदतमंदों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर दरगाह परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई देगा।

भव्य कव्वाली मुकाबला बनेगा मुख्य आकर्षण

इस बार उर्स के अवसर पर नौजवान रजा कमेटी द्वारा विशेष रूप से कव्वाली मुकाबले का आयोजन किया गया है, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा। इस मुकाबले में बिजनौर के मशहूर कव्वाल इंतजार साबरी और अलीगढ़ के प्रसिद्ध कलाकार गुलाम हबीब पेंटर आमने-सामने होंगे। दोनों कलाकार अपने सूफियाना अंदाज और दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते हैं।

रात्रि 8 बजे से शुरू होने वाला यह कव्वाली कार्यक्रम देर रात तक चलेगा। आयोजकों का कहना है कि यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होगा, बल्कि सूफी संतों की शिक्षाओं, प्रेम, भाईचारे और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच भी बनेगा। कव्वाली के माध्यम से श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव कराया जाएगा।

दरगाह पर उमड़ेगी आस्था की भीड़

उर्स के मौके पर दरगाह पर हजारों की संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालु चादरपोशी कर बाबा से अपनी मुरादें मांगेंगे और अमन-चैन की दुआ करेंगे। क्षेत्र के अलावा पड़ोसी जिलों और राज्यों से भी लोगों के आने की उम्मीद है।

स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पार्किंग, पेयजल, रोशनी और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समाज में एकता और भाईचारे का संदेश

उर्स का आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देने का भी माध्यम है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ जुटते हैं और सूफी संतों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हैं। बाबा कोट शाह रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाएं हमेशा से मानवता, करुणा और भाईचारे पर आधारित रही हैं, जिन्हें आज भी लोग अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं।

आयोजकों का कहना है कि वर्तमान समय में जब समाज में विभाजन की प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं, ऐसे आयोजनों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। यह उर्स लोगों को एकजुट होने और प्रेम का संदेश फैलाने का अवसर देता है।

आयोजन को सफल बनाने में जुटी कमेटी

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में नौजवान रजा कमेटी के पदाधिकारियों की अहम भूमिका है। कमेटी के अध्यक्ष इरफान पठान, कोषाध्यक्ष सलाम पठान, महामंत्री अभय सिंह मौर्य, उपाध्यक्ष सिंबल पठान, सचिव मोहम्मद यूसुफ, डॉ. इरफान, उपकोषाध्यक्ष सरफराज और सूचना मंत्री लालू सलमानी समेत अन्य सदस्य पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए हैं।

इसके अलावा क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी सुनील यादव और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सत्य प्रकाश गुप्ता का भी विशेष सहयोग मिल रहा है, जिनके मार्गदर्शन में आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। सभी लोग मिलकर इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

स्थानीय लोगों में दिख रहा उत्साह

उर्स को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। गांव-गांव में इस आयोजन की चर्चा हो रही है और लोग परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। खासकर युवाओं में कव्वाली मुकाबले को लेकर विशेष उत्सुकता है।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि हर साल की तरह इस बार भी यह उर्स क्षेत्र के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव साबित होगा। यह आयोजन लोगों को न केवल आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है, बल्कि सामाजिक मेलजोल को भी बढ़ावा देता है।

व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

बढ़ती भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ स्वयंसेवकों की टीम भी व्यवस्था संभालेगी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।

इसके अलावा चिकित्सा सुविधा के लिए भी प्राथमिक व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

आयोजकों की अपील

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर उर्स की रौनक बढ़ाएं और सूफी संतों के संदेश को आत्मसात करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी लोग कार्यक्रम में शांति और अनुशासन बनाए रखें, ताकि आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

चकिया के सिकंदरपुर स्थित बाबा कोट शाह रहमतुल्लाह अलैह का यह सालाना उर्स न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है। कव्वाली मुकाबले, चादरपोशी और दुआओं के इस आयोजन में जहां एक ओर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा, वहीं दूसरी ओर समाज को जोड़ने का संदेश भी मिलेगा।

यह उर्स एक बार फिर साबित करेगा कि सूफी परंपरा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है और प्रेम, भाईचारे व इंसानियत का संदेश देने में सक्षम है।