पत्रकार की हत्या से रोष, आरोपितों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाए

-ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले पर जताई चिंता

अलीगढ़। मंडल में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले और उनकी हत्या पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, अलीगढ़ मंडल के पदाधिकारियों ने सख्त नाराजगी जताई है। मंडल के पत्रकारों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने और पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की है। हाथरस में पत्रकार सोनू द्वारा पुलिस को तहरीर देने के बाद भी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई इस पर गहरी नाराजगी जताई गई है।

हाल में अलीगढ़ मंडल के जनपद एटा में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता के साथ मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने मारपीट कर दी थी। अब इसके बाद हाथरस जिले में पत्रकार वेद प्रकाश शर्मा उर्फ सोनू की हत्या कर दी गई। मंडल में पत्रकारों के साथ हुई इस घटना से साफ पता चलता है कि पुलिस प्रशासन पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कतई गंभीर नहीं है। जबकि हाथरस निवासी पत्रकार वेद प्रकाश शर्मा उर्फ सोनू ने जान का खतरा बताते हुए इस मामले की तहरीर पुलिस को दी थी। इसके बावजूद उनकी निर्मम हत्या कर दी गई और उनका शव नाले में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि हत्या से पहले वेद प्रकाश शर्मा को बेरहमी से पीटा गया था, जिससे उनकी सात हड्डियां टूट गई थीं। इस दर्दनाक घटना से अलीगढ़ मंडल के पत्रकारों में काफी रोष है। इसको लेकर बुधवार को मंडल अध्यक्ष राज नारायण सिंह की अध्यक्षता में बर्चुअल बैठक हुई। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है। जब पत्रकार सुरक्षित नहीं है तो फिर वह अपने कर्तव्य का पालन किस प्रकार से कर सकेगा। यदि पुलिस प्रशासन सुरक्षा मांगने पर भी पत्रकार की बात पर नहीं गौर करते हैं तो फिर यह सीधे सरकार के आदेश की अवहेलना है। मंडल महासचिव योगेश कौशिक ने कहा कि इन घटनाओं से तो सरकार की छवि धूमिल हो रही है। ऐसा लगता है कि पुलिस प्रशासन को इस बात की कतई चिंता नहीं है। मंडल उपाध्यक्ष रंजीत राय ने कहा कि वेद प्रकाश शर्मा की हत्या से उनके परिवार पर वज्रपात गिरा है। सरकार को उनके परिवार को उचित मुआवजा देना चाहिए, जिससे उनका परिवार संभल सके। मंडल उपाध्यक्ष करन चौधरी ने कहा कि वेद प्रकाश शर्मा की हत्या ने झकझोर कर रख दिया है। हत्या की आशंका व्यक्त करने के बाद भी पुलिस ने सतर्कता नहीं बरती। यदि पुलिस सतर्क हो जाती तो उनका जीवन बच सकता था। मंडल महासचिव विवेक शर्मा ने कहा कि पत्रकार विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं, लोकतंत्र को मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान होता है, मगर जब वह ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो कार्य कैसे करेंगे? उन्होंने कहा कि विगत दिनों एटा जिले में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता के साथ मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने मारपीट कर दी। इसके कुछ दिन बाद हाथरस जिले में पत्रकार की हत्या हो गई। इन सब घटनाओं से साफ पता चलता है कि पुलिस प्रशासन को पत्रकारों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। मंडल प्रचार प्रमुख चेतन वार्ष्णेय ने कहा कि एटा और हाथरस के मामलों में पुलिस प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो फिर एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिलकर शिकायत करेगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार शिवओम शर्मा, देवेंद्र पाराशर, अनार सिंह, सुधाकर उपाध्याय, नरेंद्र शर्मा, अनिल राठौर आदि ने भी पत्रकारों पर हुए हमले पर रोष व्यक्त किया।