सियालदह मंडल ने मनाया 70वां रेल सेवा पुरस्कार, उत्कृष्ट कर्मचारियों को किया सम्मानित

सियालदह मंडल ने मनाया 70वां रेल सेवा पुरस्कार, उत्कृष्ट कर्मचारियों को किया सम्मानित

डीआरएम राजीव सक्सेना की अध्यक्षता में हुआ समारोह, 24 दक्षता शील्ड प्रदान

कोलकाता। पेशेवर समर्पण और परिचालन उत्कृष्टता के भव्य उत्सव के रूप में सियालदह मंडल द्वारा 70वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम)राजीव सक्सेना ने की। इस अवसर पर वर्ष 2024-25 के दौरान मंडल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले रेलकर्मियों की ?अटूट निष्ठा? और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन को सम्मानित किया गया।

समारोह का शुभारंभ डीआरएम राजीव सक्सेना द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ की अध्यक्ष निधि सक्सेना, अपर मंडल रेल प्रबंधकगण (एडीआरएम) तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सुरक्षा, यात्री सेवाओं और अवसंरचना विकास में ऐतिहासिक उपलब्धियों को समर्पित किया गया।

डीआरएम ने गिनाईं मंडल की ऐतिहासिक उपलब्धियां

अपने संबोधन में डीआरएम राजीव सक्सेना ने वर्ष 2025-26 के दौरान सियालदह मंडल द्वारा स्थापित नए कीर्तिमानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मंडल ने अब तक की सर्वाधिक 80.77 करोड़ यात्रियों की संख्या का सफल प्रबंधन किया।

उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए 46 नई ईएमयू ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं, जिनमें 10 एसी ईएमयू सेवाएं शामिल हैं। यह पूर्व रेलवे के इतिहास में पहली बार हुआ है कि एसी ईएमयू सेवा शुरू की गई।

इसके अलावा 3 जोड़ी नई मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रारंभ की गईं, जिनमें हमसफर, सैरांग और पहली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है।

यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार

डीआरएम ने बताया कि लंबे समय से प्रतीक्षित प्रफुल्ल द्वार को पुनः खोला गया, साथ ही अतिरिक्त टिकट काउंटर भी स्थापित किए गए, जिससे यात्रियों को राहत मिली।

उन्होंने कहा कि कृष्णनगर आमघाटा खंड को चालू कर कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया। वहीं, सारगाछी में पूर्व रेलवे का पहला गति शक्ति कार्गो टर्मिनल स्थापित किया गया, जिससे माल ढुलाई व्यवस्था को नई दिशा मिली।

सुरक्षा और अनुरक्षण में रिकॉर्ड प्रदर्शन

मंडल ने ट्रैक नवीनीकरण और अनुरक्षण कार्यों में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की, जिससे सुरक्षा मानकों में बड़ा सुधार हुआ। साथ ही स्क्रैप बिक्री के क्षेत्र में भी पूर्व रेलवे में अब तक का सर्वाधिक प्रदर्शन दर्ज किया गया।

भीड़ प्रबंधन के लिए दमदम और बिधाननगर स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म नामांकन प्रणाली लागू की गई। दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ पूजा, गंगासागर मेला और मतुआ मेला के दौरान विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों से भीड़ का सफल प्रबंधन किया गया।

समयपालन और नवाचार में भी सफलता

मंडल का कुल समयपालन बढ़कर 93.45 प्रतिशत तक पहुंच गया। यात्रियों की सुविधा के लिए 38 स्टेशनों पर ?दवा दोस्त? मेडिकल स्टोर स्थापित किए गए।

आधुनिकीकरण के तहत प्लासी, बेरहामपुर कोर्ट और सियालदह में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना की गई, साथ ही 36 स्लाइडिंग बूम गेट लगाए गए। चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में बी.आर. सिंह अस्पताल में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की गई, जो भारतीय रेलवे में पहली बार है।

24 दक्षता शील्ड देकर किया सम्मानित

समारोह के दौरान मंडल के विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के लिए कुल 24 दक्षता शील्ड प्रदान की गईं। इसमें स्टेशन श्रेणी, सुरक्षा श्रेणी, तकनीकी श्रेणी, स्वास्थ्य इकाइयों और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

भविष्य के लिए 32 नई परियोजनाओं को मंजूरी

डीआरएम सक्सेना ने बताया कि यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए 453.19 करोड़ रुपये की लागत से 32 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे आने वाले समय में मंडल को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के समापन पर डीआरएम ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि रेलकर्मियों का परिश्रम देश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का आधार है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे नई ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करें ताकि भविष्य में और अधिक उपलब्धियां हासिल की जा सकें।