सीलदह स्टेशन पर ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ स्टॉल से एसिड अटैक सर्वाइवर्स को मिला सम्मान और आत्मनिर्भरता का मंच

कोलकाता: सामाजिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पूर्व रेलवे के सीलदह मंडल ने छांव फाउंडेशन की एसिड अटैक सर्वाइवर्स को सीलदह स्टेशन पर वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP) के अंतर्गत एक समर्पित स्टॉल उपलब्ध कराया है। यह कदम न सिर्फ उनके लिए रोजगार का अवसर लेकर आया है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता की नई राह भी खोल रहा है।

छांव फाउंडेशन वर्ष 2013 से एसिड अटैक पीड़िताओं के समग्र पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है। फाउंडेशन का Sheroes ऑनलाइन स्टोर एक ऐसा मंच है जहां एसिड अटैक सर्वाइवर्स द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को Crafted by Courage and Curated for Change की भावना के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इन महिलाओं की कला और हुनर उनकी जिजीविषा और साहस का प्रतीक है।

रेलवे द्वारा OSOP स्टॉल प्रदान किए जाने से अब ये महिलाएं अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को रेलवे यात्रियों तक सीधे पहुंचा सकेंगी, जिससे उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें स्थायी आजीविका का माध्यम मिलेगा।

OSOP योजना भारतीय रेलवे की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और आपूर्ति श्रृंखला को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्टॉल उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां स्वयं सहायता समूह (SHG) और हाशिए पर मौजूद कारीगर अपने स्वदेशी और पारंपरिक उत्पाद यात्रियों को बेच सकते हैं।

यह पहल हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देउसकर द्वारा महिलाओं को सम्मान और सशक्त बनाने के उद्देश्य से परिकल्पित की गई थी।

इस OSOP स्टॉल का उद्घाटन सीलदह मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना एवं वरिष्ठ मंडलीय अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर निधि सक्सेना, अध्यक्ष/ERWWO सीलदह सहित ERWWO की अन्य सदस्य भी मौजूद रहीं।

सीलदह मंडल की यह पहल इस बात का मजबूत संदेश देती है कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी एक सशक्त मंच है। यह प्रयास उन महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद साहस के साथ जीवन को फिर से संवारने का संकल्प लिया।