चकिया ब्लॉक के मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत में ‘कागजी विकास’ का खेल! इंटरप्राइजेज के नाम पर लाखों के गबन का आरोप

चकिया ब्लॉक के मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत में ?कागजी विकास? का खेल! इंटरप्राइजेज के नाम पर लाखों के गबन का आरोप


चकिया, चंदौली। चकिया ब्लॉक के मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ?इंटरप्राइजेज? के नाम पर कराए गए कार्य केवल कागजों में ही पूरे दिखाए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

कागजों में पूरा, जमीन पर अधूरा

ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में कई विकास कार्यों?जैसे विद्यालय मरम्मत, अमृत सरोवर और पंचायत भवन निर्माण?के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि निकाली गई, लेकिन मौके पर कार्य अधूरे या बिल्कुल नहीं दिखाई दे रहे हैं।

�आरोप है कि इंटरप्राइजेज के नाम पर भुगतान दिखाकर कार्य को पूरा दर्शा दिया गया, जबकि धरातल पर कोई ठोस निर्माण नहीं हुआ।

ग्राम प्रधान और सेक्रेट्री पर गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत से धन का गबन किया गया है।
कई जगहों पर बिना काम कराए ही भुगतान दिखाया गया
अधूरे कार्यों को भी पूर्ण दर्शाकर धन निकासी कर ली गई
सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया

विकास कार्यों में अनियमितता

ग्रामीणों ने विशेष रूप से निम्न कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं?
विद्यालय मरम्मत कार्य
अमृत सरोवर योजना
पंचायत भवन निर्माण
इन सभी योजनाओं के लिए धन आवंटित हुआ, लेकिन अपेक्षित कार्य नहीं हुआ।

ग्रामीणों में आक्रोश

गांव के लोगों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि गांव की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि?
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
संबंधित दस्तावेजों और भुगतान की जांच हो
दोषी ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उठ रहे बड़े सवाल

क्या विकास योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएंगी?
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है यह फर्जीवाड़ा?
क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा?

यह मामला एक बार फिर पंचायत स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार की पोल खोलता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है और क्या वास्तव में दोषियों पर शिकंजा कसता है या मामला केवल कागजों तक ही सिमट कर रह जाता है।