हाईवे पर ‘लूट स्टॉप’! रोडवेज बसें बिना अनुबंध होटल पर रोकने का खुलासा

अमरोहा। गजरौला में रोडवेज बसों को अनाधिकृत होटल पर रोकने का मामला सामने आने के बाद परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार दोपहर एआरएम द्वारा हाईवे किनारे एक होटल पर निरीक्षण किया गया, जहां रोडवेज की सात बसें बिना किसी अनुबंध के खड़ी मिलीं।

सबसे गंभीर बात यह है कि जिस होटल पर बसें रोकी गईं, उसका परिवहन निगम के साथ कोई अधिकृत अनुबंध नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किसके आदेश पर बसों को वहां रोका जा रहा था।

सूत्रों के अनुसार, कई बार चालक और परिचालक यात्रियों से अधिक कीमत वसूलने वाले होटलों पर मनमाने ढंग से बसें रोक देते हैं, जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यात्रियों की ओर से शिकायतें भी सामने आई हैं कि इन होटलों पर खाने-पीने की चीजें बाजार दर से काफी अधिक कीमत पर बेची जाती हैं।

निरीक्षण के दौरान सोहराबगेट, पीतलनगरी, लोनी और गढ़ डिपो की कुल सात बसें नियमों के विपरीत होटल पर खड़ी पाई गईं, जबकि इस मार्ग पर केवल दो होटल ही अधिकृत हैं।

एआरएम केसी गौड़ ने बताया कि जिन डिपो की बसें बिना अनुबंध वाले होटल पर मिली हैं, उनके संबंधित एआरएम को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गजरौला में केवल मेला और मोगा होटल का ही निगम के साथ अनुबंध है। इनके अलावा यदि कोई चालक अन्य होटल पर बस रोकता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने निगम की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब बसों को ऐसे होटलों पर रोके जाने की शिकायत सामने आई हो।