गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने गोआश्रयों का निरीक्षण कर दिया दिशा निर्देश

देवरिया। जनपद में शनिवार को गो सेवा आयोग उ.प्र.के उपाध्यक्ष अतुल सिंह एवं सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने वृहद गौआश्रय स्थल मझौली राज, कान्हा गौशाला गौरी बाजार, अस्थाई गो आश्रय स्थल भेड़ापाकड़ व कान्हा गोशाला रावतपार रघेन का निरीक्षण किया। इसके उपरांत जिला स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक लिया । मा. उपाध्यक्ष महोदय एवं सदस्य एवं अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग गोरखपुर मण्डल गोरखपुर,मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक गांघी सभागार विकास भवन देवरिया में किया गया जिसमें सभी पशु चिकित्साधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में उपाध्यक्ष महोदय एवं सदस्य का मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने बुके देकर स्वागत किया। अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग गोरखपुर मण्डल गोरखपुर, द्वारा जनपद में निराश्रित गोवंश संरक्षण, भरण-पोषण हेतु डी.बी.टी. द्वारा भुगतान, हरा चारा सी.सी.टीवी कैमरा के विषय में विस्तृत जानकारी से मा.उपाध्यक्ष महोदय एवं सदस्य को अवगत कराया गया। बैठक में उपाध्यक्ष महोदय एवं सदस्य द्वारा जनपद में किये जा रहे गोवंश संरक्षण सम्बन्धी कार्य को पूर्ण मनोयोग से करते हुए गोशालाओं को स्वालम्बी बनाने हेतु किये जा रहे प्रयासों में और अधिक वृद्धि हेतु निर्देशित किया गया। गोवंश हेतु अधिक से अधिक क्षेत्रफल में हरे चारे की बुवाई की जाय। गोवंशों को चारा देने का समय निर्धारित करके समय पर दिन में दो बार चारा-दाना दिया जाय।कृषकों को गो-उत्पाद आधारित खेती (आर्गेनिक फार्मिंग) करने हेतु निर्देशित किया गया। आर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए विकास खण्ड स्तर पर गोष्ठी का आयोजन कर क्षेत्रीय किसानों एवं पशुपालकों को जागृत किया जाए। गोशालाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए गोबर के गमले बनाकर वृक्षारोपण हेतु वन विभाग एवं उद्यान विभाग को विक्रय कर गोशालाओं की आय सुनिश्चित की जाए। गोवंश हेतु अधिक से अधिक क्षेत्रफल में हरे चारे की बुवाई की जाए। गोशाला में संरक्षित नर गोवंशों ,मादा एवं छोटे गोवंशों को अलग-अलग शेड में रखा जाय। जिन गो आश्रयों में अब तक सी.सी.टीबी कैमरा नहीं लगा है वहां कैमरे लगवाकर तत्काल कन्ट्रोल रूम से जोड़ा जाए।