लखनऊ में यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था राष्ट्रविरोधी गिरोह, रेलवे सिग्नल उड़ाने की थी साजिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर एक बड़े राष्ट्रविरोधी गिरोह का खुलासा हुआ है। इस गिरोह के सदस्य लगातार पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और प्रदेश में आगजनी व तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

इस मामले की जानकारी देते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि गिरोह का मुख्य सदस्य मेरठ निवासी शकील अहमद का बेटा साकिब उर्फ ?डेविल? है, जो पेशे से नाई है। जांच में सामने आया कि साकिब को मेरठ निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर से जोड़ा था।

एडीजी ने बताया कि आकिब के एके-47 के साथ कई वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं और इस संबंध में जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आकिब फिलहाल दुबई में रह रहा है।

रेलवे सिग्नल बॉक्स तोड़ने और ट्रकों में आग लगाने की थी योजना

जांच में सामने आया कि साकिब ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ-साथ कट्टरपंथी संगठनों और अफगानिस्तान के कई नंबरों से संपर्क साधा। गिरोह का मकसद रेलवे और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाकर प्रदेश में दहशत फैलाना था।

गिरोह पर आरोप है कि वे:

रेलवे सिग्नल बॉक्स तोड़ने,

गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रकों में आग लगाने,

राजनीतिक हस्तियों की रेकी करने,

और विभिन्न स्थानों पर आगजनी की घटनाएं अंजाम देने में शामिल थे।

आगजनी के वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे जाते थे और क्यूआर कोड के जरिए पैसों की मांग की जाती थी।

हैंडलर बदलता था नाम, ओसामा बिन लादेन जैसे नामों का करता था इस्तेमाल

एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर खुद को अलग-अलग नामों से प्रस्तुत करता था और ?ओसामा बिन लादेन?, ?फारूक उल्लाह? जैसे नामों का इस्तेमाल कर रहा था।

इसके अलावा घोरी, कश्मीर मुजाहिदीन और ग़ज़वा-ए-हिंद जैसे संगठन धार्मिक भावनाएं भड़काकर लोगों को हिंसा और आगजनी के लिए उकसाने का काम कर रहे थे।

सोशल मीडिया के जरिए जुड़े कई लोग

जांच में यह भी सामने आया कि साकिब के गांव का रहने वाला अरबाब भी इस साजिश में शामिल था। साकिब और अरबाब ने गौतम बुद्ध नगर के विकास गहलावत और लोकेश पंडित को भी सोशल मीडिया के जरिए अपने नेटवर्क में जोड़ा।

गिरोह ने गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ में प्रमुख संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी की और वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे।

2 अप्रैल को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास धमाके की साजिश

एडीजी ने बताया कि 2 अप्रैल को गिरोह के मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य रेलवे संपत्तियों को आगजनी व विस्फोट से नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी।

लेकिन एटीएस की टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को घटना को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।

7 स्मार्टफोन बरामद, पुलिस रिमांड पर आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों के पास से महत्वपूर्ण सबूतों से लैस सात स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से 5 अप्रैल से पांच दिनों की पुलिस हिरासत रिमांड प्राप्त की गई।

एटीएस अब बरामद मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया कनेक्शन और विदेशी संपर्कों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

फिलहाल मामले में जांच जारी है और एटीएस द्वारा अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।