दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अवसंरचना विकास में रचा नया कीर्तिमान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अवसंरचना विकास में रचा नया कीर्तिमान

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 125 किमी नई रेल लाइन कमीशन, 18 आरओबी व 27 आरयूबी का निर्माण

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रेल अवसंरचना विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रेल नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने हेतु किए गए सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप क्षमता विस्तार, यात्री सुविधाओं में सुधार तथा संरक्षित रेल परिचालन को नई गति मिली है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार बीते 10 वर्षों में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कुल 1475 किलोमीटर लंबाई की 15 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

वर्ष 2025-26 में 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का लोकार्पण/कमीशनिंग

वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का सफलतापूर्वक लोकार्पण एवं कमीशनिंग कार्य पूरा किया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण रेलखंडों में कार्य संपन्न किया गया।

बिलासपुर?झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत

कोतरलिया?जामगा (8 किमी), भूपदेवपुर?किरोड़ीमल नगर (8.70 किमी), किरोड़ीमल नगर?रायगढ़ (10.27 किमी), रायगढ़?कोतरलिया (9 किमी), सारागांव?बाराद्वार (7 किमी) तथा बाराद्वार?सक्ती (13 किमी) खंडों की कमीशनिंग की गई।

राजनांदगांव?नागपुर तीसरी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत

गुदमा?गोंदिया (10 किमी), गोंदिया?गंगाझरी (13.74 किमी) तथा आरओआर गोंदिया (13.50 किमी) खंडों में कार्य पूर्ण कर संचालन शुरू किया गया।

गेवरा रोड?पेंड्रा रोड नई रेल लाइन के अंतर्गत

उरगा?कुसमुंडा (11.51 किमी) खंड की कमीशनिंग की गई।

केंद्री?धमतरी एवं अभनपुर?राजिम आमान परिवर्तन के अंतर्गत

अभनपुर?कुरूद (21.20 किमी) खंड का सफलतापूर्वक आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण किया गया।

महत्वपूर्ण स्टेशनों पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य

इन कार्यों के दौरान कोतरलिया, गोंदिया, किरोड़ीमल नगर, रायगढ़, सारागांव, चक्रधर नगर, बाराद्वार एवं तुमसर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य भी किए गए। रेलवे ने बताया कि इन जटिल कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा और रेल संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय कर सुविचारित कार्य योजना के तहत कार्य किया गया। साथ ही ट्रेन निरस्तीकरण को न्यूनतम रखने का भी प्रयास किया गया।

18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण

यातायात सुगमता एवं संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18 सड़क ऊपरी पुल (ROB) तथा 27 सड़क अधो पुल (RUB) का निर्माण भी किया गया। इससे रेल एवं सड़क यातायात दोनों में सुगमता के साथ सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार हुआ है।

2790 किलोमीटर लंबाई की 41 परियोजनाएं प्रगति पर

रेलवे प्रशासन ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कुल 2790 किलोमीटर लंबाई की 41 महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत होकर विभिन्न चरणों में तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइन, दोहरीकरण, तीसरी एवं चौथी रेल लाइन जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और नई सेवाओं के संचालन, गति में सुधार तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

प्रमुख स्वीकृत परियोजनाएं

रेलवे द्वारा स्वीकृत कुछ प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं?

खरसिया?नया रायपुर?परमालकसा नई रेल लाइन (278 किमी), लागत ₹7854 करोड़

रावघाट?जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी), लागत ₹3513 करोड़

गोंदिया?बल्लारशाह दोहरीकरण (240 किमी)

गोंदिया?जबलपुर दोहरीकरण (231 किमी)

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने से रेल नेटवर्क का विस्तार होगा, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को गति मिलेगी तथा स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा कि वह भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ अवसंरचना विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।