* आज का देहरादून ,बिगड़ती प्राकृतिक खूबसूरती , दिन प्रतिदिन होता प्रदूषित वातावरण ,

देहरादून में पिछले कुछ समय से शहरीकरण और सुरक्षा को लेकर कई गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। हालिया समाचार रिपोर्ट्स और ग्राउंड अपडेट्स के आधार पर यहाँ के बिगड़ते हालात के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. बढ़ता अपराध और 'ऑपरेशन प्रहार'
शहर में हाल के दिनों में आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। विशेष रूप से राजपुर रोड जैसे पॉश इलाकों में फायरिंग और मर्डर जैसी घटनाओं ने लोगों में डर का माहौल पैदा किया है।
* ऑपरेशन प्रहार: बढ़ते अपराध को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने 'ऑपरेशन प्रहार' शुरू किया है। इसका उद्देश्य नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर कड़ी कार्रवाई करना है।
* सड़कों पर गुंडागर्दी: मामूली विवादों (जैसे ओवरटेकिंग) में सरेआम गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें हाल ही में एक पूर्व सैन्य अधिकारी की जान चली गई।
2. यातायात (Traffic) की गंभीर समस्या
देहरादून की सड़कों पर बढ़ता दबाव प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
* महानगर मॉडल: बढ़ते ट्रैफिक जाम को सुलझाने के लिए शहर में अब महानगरों की तर्ज पर अलग से ट्रैफिक थाने खोलने की योजना बनाई गई है।
* पार्किंग का अभाव: शहर के प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों में पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर घंटों जाम लगा रहता है।
3. हरियाली का घटता ग्राफ
देहरादून अपनी "ग्रीन सिटी" की छवि खोता जा रहा है।
* कंक्रीट का जंगल: रिपोर्ट्स के मुताबिक, दून घाटी में खेती की जमीन तेजी से कम हो रही है। मास्टर प्लान के अनुसार जहां 18% हरित क्षेत्र (Green Area) होना चाहिए था, वह अब घटकर मात्र 6% के आसपास रह गया है।
* पेड़ों की कटाई: सड़कों के चौड़ीकरण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के कारण हजारों पुराने पेड़ों को काटा गया है, जिससे शहर का तापमान भी बढ़ रहा है।
4. नशा और अवैध बस्तियां
* नशे का जाल: युवाओं में बढ़ता नशा एक बड़ी समस्या बन गया है। पुलिस ने सेलाकुई और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में नशा तस्करों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई (क्रैकडाउन) शुरू की है।
* अतिक्रमण: नदी किनारे और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के कारण मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
> ताज़ा अपडेट: 2026 के बजट सत्र में उत्तराखंड सरकार ने देहरादून के बुनियादी ढांचे और सड़कों के सुधार के लिए विशेष फंड आवंटित किया है, लेकिन नागरिकों का मानना है कि केवल सड़कों के सुधार से नहीं, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
> समस्त सम्मानित जाट महासभा और सर्वसमाज के सम्मानित सदस्यों और जाट महासभा के अध्यक्ष श्री ओम पाल सिंह राठी जी द्वारा बहुत दुख व खेद प्रकट किया गया है , शहर में बढ़ती घटनाओं के प्रति , एक वक्त था जब दूर दूर से बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते थे और नाम रोशन करते थे लेकिन आज सब उल्टा पुल्टा दिखाई दे रहा है , चिंता का विषय है ।