एनएफआर की आरपीएफ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सुरक्षा, संरक्षण और सेवा के क्षेत्र में दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धियां

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के प्रभावशाली प्रदर्शन के माध्यम से यात्री सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा एवं जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत किया है। सघन निगरानी, त्वरित कार्रवाई और सक्रिय प्रवर्तन रणनीतियों के जरिए आरपीएफ ने रेल परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है, जिससे यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित हुआ है।

एनएफआर के आरपीएफ द्वारा वर्षभर चोरी, दलाली (टाउटिंग), अवैध गतिविधियों और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए। इसके तहत कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और अवैध टिकट जब्त किए गए। साथ ही, पत्थरबाजी की घटनाओं पर सख्ती दिखाते हुए रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी तेज की गई।

सीईआईआर पोर्टल से मोबाइल रिकवरी में बड़ी सफलता

यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और तकनीक के प्रभावी उपयोग के तहत आरपीएफ ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में भी उल्लेखनीय प्रगति की। इस अवधि में कुल 2,355 मोबाइल फोन ब्लॉक किए गए, 1,265 उपकरणों का सफलतापूर्वक पता लगाया गया तथा 291 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें से 264 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटाए गए। इस पहल से यात्री शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हुआ और रेलवे सुरक्षा के प्रति जनविश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

चोरी और टाउटिंग पर कड़ी कार्रवाई

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यात्रियों के सामान की चोरी से जुड़े 219 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 285 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। वहीं, दलालों के खिलाफ 120 मामले दर्ज कर 128 गिरफ्तारियां की गईं। इस कार्रवाई में 757 टिकट जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 23 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

पत्थरबाजी और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान

रेल संचालन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पत्थरबाजी की 154 घटनाओं पर कार्रवाई की गई, जिसमें 116 व्यक्तियों को पकड़ा गया। इसके साथ ही रेलवे भूमि और संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2025-26 में 699 अतिक्रमण हटाए गए, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह संख्या 437 थी।

मानवीय सेवा में भी आरपीएफ की बड़ी भूमिका

आरपीएफ ने केवल प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि मानवीय सहायता के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया। इस वर्ष मानव तस्करी के 89 पीड़ितों को रेस्क्यू किया गया, जो पिछले वर्ष 2024-25 में मात्र 10 था। इसके अलावा मानव तस्करी से इतर संकट में फंसे 1,125 लोगों (लड़के, लड़कियां एवं महिलाएं सहित) को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 952 थी।

अवैध वस्तुओं और मादक पदार्थों की बड़ी बरामदगी

एनएफआर आरपीएफ ने इस अवधि में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.29 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध वस्तुएं और 55.29 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए, जो रेलवे परिसरों में अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार माना जा रहा है।

एनएफआर के अनुसार, ये सभी उपलब्धियां रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता, कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुरक्षित रेल संचालन और यात्री सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।

कर्पिजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी