सेंट्रल रेलवे ने FY 2025-26 में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां

सेंट्रल रेलवे ने FY 2025-26 में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां

जीएम प्रतीक गोस्वामी ने CSMT मुंबई में मीडिया को दी जानकारी, यात्री सुविधाओं से लेकर माल ढुलाई तक शानदार प्रदर्शन

मुंबई,सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान यात्री सेवाओं के विस्तार, माल ढुलाई में वृद्धि, राजस्व सुदृढ़ीकरण, आधारभूत संरचना विकास, आधुनिक तकनीक अपनाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ऊर्जा संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। यह जानकारी सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक श्री प्रतीक गोस्वामी ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई स्थित ?चिंतन? कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दी।

इस अवसर पर सभी विभागों के प्रमुख, मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधकहिरेश मीणा तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पुणे, सोलापुर, भुसावल और नागपुर मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक अपने-अपने मंडलों के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े।

महाप्रबंधक गोस्वामी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 सेंट्रल रेलवे के लिए सर्वांगीण प्रगति का वर्ष रहा, जिसमें यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कई नए कदम उठाए गए और परिचालन क्षमता में भी बड़ा सुधार किया गया।

यात्री सेवाओं में बड़ा विस्तार: 7 नई ट्रेनें शुरू

महाप्रबंधक ने बताया कि सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में 7 नई ट्रेनों का परिचालन शुरू किया, जिनमें पुणे-अजनी वंदे भारत एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस तथा पनवेल-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस प्रमुख हैं।

उन्होंने बताया कि मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उरण लाइन पर 10 नई लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं, जिससे इस मार्ग पर कुल सेवाएं बढ़कर 50 हो गईं। इसके साथ ही CSMT-पनवेल हार्बर सेक्शन पर एसी लोकल ट्रेन की शुरुआत की गई। अब सेंट्रल रेलवे पर कुल 94 एसी लोकल सेवाएं संचालित हो रही हैं।

8840 स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स, समर सीजन के लिए 2169 ट्रेनें प्रस्तावित

महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने इस वित्त वर्ष में 8840 स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स संचालित किए, जिनमें 348 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें शामिल थीं।

उन्होंने आगे बताया कि आगामी गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों को राहत देने के लिए 15 अप्रैल से 31 जुलाई तक 2169 समर स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है। इनमें से 1359 ट्रेनें महाराष्ट्र के लिए निर्धारित की गई हैं, जबकि शेष ट्रेनें अन्य राज्यों के लिए चलाई जाएंगी।

76 नए हाल्ट, 7 नए स्टेशन और 12 स्टेशनों का पुनर्विकास

महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल रेलवे ने इस वित्त वर्ष में 76 नए हाल्ट प्रदान किए। इसके साथ ही 7 नए स्टेशन भी शुरू किए गए, जिनमें मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में 2 तथा अमलनेर-बीड़ लाइन पर 5 स्टेशन शामिल हैं।

रेलवे द्वारा 12 स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इसके अलावा 77 जोड़ी ट्रेनों की गति 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दी गई, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक तेज व सुविधाजनक होगा।

समयपालनता में सुधार: मेल/एक्सप्रेस 82.05%, लोकल 92.04%

महाप्रबंधक ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालनता 82.05 प्रतिशत रही, जबकि उपनगरीय ट्रेनों की समयपालनता 92.04 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि रेलवे समयपालनता में और सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

रेल सेवा पुरस्कार में 5 शील्ड जीतकर बढ़ाया गौरव

महाप्रबंधक ने बताया कि सेंट्रल रेलवे को पिछले वर्ष के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में 5 शील्ड प्रदान की गईं। ये शील्ड स्टोर्स, सिविल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा ब्रिज मेंटेनेंस के लिए दी गईं।

माल ढुलाई में 79.34 मिलियन टन, कई वस्तुओं में रिकॉर्ड वृद्धि

सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 79.34 मिलियन टन माल ढुलाई दर्ज की। हालांकि कुल आंकड़ा पिछले वर्ष से थोड़ा कम रहा, लेकिन कई महत्वपूर्ण वस्तुओं में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली।

महाप्रबंधक ने बताया कि लौह अयस्क (Iron Ore) के परिवहन में सेंट्रल रेलवे ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और 1022 रेक लोड किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 177 प्रतिशत अधिक है।

इसके अलावा:

पेट्रोलियम उत्पाद (POL): 6.32 मिलियन टन (12.6% वृद्धि)

खाद्यान्न: 1.07 मिलियन टन (23.4% वृद्धि)

सीमेंट: 7.87 मिलियन टन

क्लिंकर: 635 रेक (79% वृद्धि)

कंटेनर ट्रैफिक: 11.85 मिलियन टन (8.1% वृद्धि)

प्याज लोडिंग: 212 रेक (133% वृद्धि)

फ्लाई ऐश: 43 रेक (79% वृद्धि)

रेलवे ने कहा कि यह उपलब्धि सेंट्रल रेलवे की बाजार जरूरतों के अनुरूप तेजी से कार्य करने की क्षमता को दर्शाती है।

₹16,911.50 करोड़ का कुल राजस्व, यात्री आय में 6.8% बढ़ोतरी

सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹16,911.50 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।

यात्री राजस्व: ₹8,123 करोड़ (6.8% वृद्धि)

माल राजस्व: ₹8,296 करोड़

पार्सल एवं लगेज राजस्व: ₹240.68 करोड़

टिकट चेकिंग राजस्व: ₹251.35 करोड़ (23.5% वृद्धि)

महाप्रबंधक ने बताया कि टिकट चेकिंग अभियान से अनधिकृत यात्रा पर रोक लगाने में सफलता मिली है।

यात्री संख्या 1,643.02 मिलियन, नॉन-फेयर रेवेन्यू में देश में पहला स्थान

सेंट्रल रेलवे ने इस वित्त वर्ष में कुल 1,643.02 मिलियन यात्रियों को यात्रा कराई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.84% अधिक है।

इसके साथ ही सेंट्रल रेलवे ने ₹134.63 करोड़ का नॉन-फेयर रेवेन्यू अर्जित किया, जो सभी रेलवे जोनों में सबसे अधिक रहा।

टिकट चेकिंग में रिकॉर्ड कार्रवाई: 41.82 लाख मामले, 24 कर्मचारी बने करोड़पति

महाप्रबंधक ने बताया कि टिकट चेकिंग अभियान के तहत:

41.82 लाख मामले पकड़े गए

₹251.35 करोड़ राजस्व अर्जित किया गया

24 कर्मचारियों ने व्यक्तिगत रूप से ₹1 करोड़ से अधिक वसूली कर ?करोड़पति? उपलब्धि प्राप्त की।

यात्री सुविधाएं: रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स और OSOP योजना का विस्तार

सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए दादर, पुणे, सोलापुर सहित 7 स्टेशनों पर ?रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स? की शुरुआत की।

इसके अलावा ?वन स्टेशन वन प्रोडक्ट? योजना के तहत 157 स्टेशनों पर 160 स्टॉल लगाए गए, जहां से 10.81 लाख वस्तुओं की बिक्री हुई और कुल कारोबार ₹4.76 करोड़ तक पहुंच गया।

डिजिटल रेलवे की दिशा में बड़ा कदम

महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों के लिए RailOne App की शुरुआत की गई, जिससे कई रेलवे सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकें।

इसके साथ ही मोबाइल UTS सहायकों की तैनाती की गई और पहली बार 15,327 डिजिटल दिव्यांगजन कार्ड जारी किए गए।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: 103.58 किमी ट्रैक कमीशन, बड़ी परियोजनाएं पूरी

सेंट्रल रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 103.58 किमी ट्रैक कमीशन किया, जिसमें:

71.84 किमी डबलिंग

31.74 किमी नई लाइन शामिल है।

रेलवे ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में सेंट्रल रेलवे ने कुल 1,157.15 किमी रेलवे लाइन कमीशन की है।

प्रमुख परियोजनाओं में:

पुणे-मिरज सेक्शन (281.05 किमी) ? लागत ₹4,864.91 करोड़

जलगांव-मनमाड़ तीसरी लाइन (160 किमी) ? लागत ₹1,799.96 करोड़

शामिल हैं।

कवच सुरक्षा प्रणाली का विस्तार, AI आधारित निरीक्षण शुरू

रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में सेंट्रल रेलवे ने बड़ा कदम उठाते हुए 3,899 किमी मार्ग पर कवच प्रणाली लागू करने की स्वीकृति प्राप्त की। अब तक 176 लोकोमोटिव कवच से लैस किए जा चुके हैं और 200 किमी में फेज-1 ट्रायल पूरा हो चुका है।

इसके साथ ही रेलवे ने 30,000 RFID और 330 संचार टावर लगाए हैं। पनवेल में AI आधारित वैगन निरीक्षण प्रणाली भी शुरू की गई है।

ऊर्जा बचत: ₹608 करोड़ की बचत, 272.4 मेगावाट रिन्यूएबल क्षमता

सेंट्रल रेलवे ने ओपन एक्सेस बिजली खरीद से ₹608 करोड़ की बचत की है। साथ ही 105 मेगावाट नई सौर क्षमता जोड़कर कुल रिन्यूएबल क्षमता 272.4 मेगावाट तक पहुंचा दी गई है। रेलवे की 16% ट्रैक्शन ऊर्जा अब रिन्यूएबल स्रोतों से प्राप्त हो रही है।

कुंभ मेला 2027 के लिए नासिक में मेगा तैयारियां

महाप्रबंधक ने बताया कि कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए नासिक क्षेत्र में रेलवे द्वारा ₹1455 करोड़ की लागत से 90 परियोजनाएं शुरू की गई हैं। देवळाली, नासिक रोड, ओधा, खेड़वाड़ी, कसबे सुकेने, निफाड, साईंनगर शिर्डी और इगतपुरी सहित 8 स्टेशनों पर बड़े स्तर पर विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं।

सेंट्रल रेलवे ने दोहराई विकास और सेवा की प्रतिबद्धता

महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने कहा कि सेंट्रल रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सेवाएं देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कवच प्रणाली, नई परियोजनाओं, डिजिटल सुविधाओं और हरित ऊर्जा के जरिए सेंट्रल रेलवे आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।