उत्तर पश्चिम रेलवे ने रचा नया कीर्तिमान, 8622 करोड़ की रिकॉर्ड आय

उत्तर पश्चिम रेलवे ने रचा नया कीर्तिमान, 8622 करोड़ की रिकॉर्ड आय

महाप्रबंधक अमिताभ ने 2025-26 की उपलब्धियां गिनाईं, 2026-27 की कार्ययोजना भी साझा

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं आगामी वर्ष 2026-27 की कार्य योजना को लेकर गुरुवार को प्रधान कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने रेलवे की उपलब्धियों, राजस्व वृद्धि, यात्री सुविधाओं, माल ढुलाई तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े आंकड़े साझा किए।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि महाप्रबंधक श्री अमिताभ के कुशल नेतृत्व में उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2025-26 में आय, यात्री सेवा, माल परिवहन, तकनीकी उन्नयन और संरचना विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा कि वर्ष 2025-26 उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए सर्वांगीण प्रगति और दक्ष संचालन का प्रतीक रहा। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में उत्तर पश्चिम रेलवे ने कुल बजट का 100 प्रतिशत व्यय कर उच्च स्तरीय वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया।

8622 करोड़ की रिकॉर्ड सकल आय

महाप्रबंधक ने बताया कि राजस्व अर्जन के क्षेत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2025-26 में रेलवे की कुल सकल आय 8622 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि यात्री आय 3727 करोड़ रुपये रही, जिसमें 9.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि माल आय 3865 करोड़ रुपये रही, जो 7.2 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे की सेवाओं का लाभ 18.45 करोड़ यात्रियों ने उठाया, जो एक नया रिकॉर्ड है।

30.53 मिलियन टन माल लदान, लक्ष्य से अधिक उपलब्धि

माल ढुलाई के क्षेत्र में भी उत्तर पश्चिम रेलवे ने शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2025-26 में रेलवे द्वारा 30.53 मिलियन टन माल लोडिंग की गई, जिससे 30 मिलियन टन का लक्ष्य पार कर लिया गया। महाप्रबंधक ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के इतिहास में यह दूसरी बार है जब 30 मिलियन टन का आंकड़ा पार हुआ है।

समयपालन में दूसरा स्थान

समयबद्धता के क्षेत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे ने मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की 93.03 प्रतिशत समयपालन दर के साथ भारतीय रेलवे में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2025-26 में 792 विशेष ट्रेनें (8039 ट्रिप) चलाई गईं, 1864 अस्थायी कोच वृद्धि की गई तथा 23 विशेष ट्रेनों का नियमितीकरण किया गया। इसके अलावा 13 जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन भी प्रारंभ किया गया।

तीन नई वंदे भारत सेवाएं शुरू

महाप्रबंधक ने बताया कि आधुनिक ट्रेन सेवाओं के तहत वर्ष 2025-26 में जोधपुर-दिल्ली कैंट, बीकानेर-दिल्ली कैंट और उदयपुर सिटी-असारवा मार्ग पर नई वंदे भारत ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं। वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे पर कुल 5 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

स्क्रैप निपटान में रिकॉर्ड, 308.68 करोड़ की आय

रेलवे ने स्क्रैप निपटान में भी रिकॉर्ड कायम करते हुए 308.68 करोड़ रुपये का स्क्रैप विक्रय किया।

विद्युतीकरण लगभग पूर्ण, 99% ब्रॉडगेज लाइन इलेक्ट्रिफाइड

विद्युतीकरण के क्षेत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे ने 5549 रूट किलोमीटर लाइन का विद्युतीकरण पूर्ण कर लिया है, जो ब्रॉडगेज नेटवर्क का लगभग 99 प्रतिशत है। शेष 10 रूट किलोमीटर (अरनिया खुर्द-लालसोट) का विद्युतीकरण जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में लगभग 78 प्रतिशत कोचिंग ट्रेनें और 61 प्रतिशत मालगाड़ियां विद्युत ट्रैक्शन पर चल रही हैं।

113 किमी ट्रैक डबलिंग और 10 किमी नई लाइन पूरी

आधारभूत संरचना विकास के तहत वर्ष 2025-26 में 113 किलोमीटर ट्रैक डबलिंग और 10 किलोमीटर नई लाइन निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया।

महाप्रबंधक ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्तमान में 1546 किलोमीटर लंबाई की नई लाइन, डबलिंग और गेज परिवर्तन परियोजनाएं लगभग 19,680 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त 1340 किलोमीटर की परियोजनाओं की डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजी गई है तथा 2451 किलोमीटर के लिए 30 सर्वे जारी हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 77 स्टेशनों का पुनर्विकास

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे के 77 स्टेशनों का लगभग 4100 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर सिटी जैसे प्रमुख स्टेशनों का व्यापक आधुनिकीकरण कार्य प्रगति पर है। महाप्रबंधक ने बताया कि 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा 5 स्टेशनों का उद्घाटन किया गया था, जबकि 7 अन्य स्टेशन तैयार हो चुके हैं।

सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन पर विशेष जोर

महाप्रबंधक ने बताया कि गुढ़ा-ठठाना-मिठडी के बीच 64 किलोमीटर लंबा समर्पित टेस्ट ट्रैक विकसित किया जा रहा है, जिसमें से 57.76 किलोमीटर कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही 313 रूट किलोमीटर पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू किया गया है।

रेल सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ?कवच? प्रणाली के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर नेटवर्क को स्वीकृति दी गई है, जिसमें 1586 किलोमीटर में कार्य प्रगति पर है। ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का कार्य लगभग 72 प्रतिशत पूरा हो चुका है तथा टावर स्थापना का कार्य तेजी से जारी है।

यात्री सुविधाओं में भी बड़े सुधार

महाप्रबंधक ने बताया कि रेल मदद पोर्टल पर शिकायत निवारण के मामले में उत्तर पश्चिम रेलवे भारतीय रेलवे में दूसरे स्थान पर रहा। यात्रियों की सुविधा के लिए 100 प्लेटफार्म को हाई लेवल किया जा चुका है तथा 50 प्लेटफार्म को हाई लेवल करने का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा 162 स्टेशनों पर प्लेटफार्म शेल्टर कार्य भी स्वीकृत किया गया है।

2026-27 में भी विकास की गति रहेगी तेज

महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे वर्ष 2026-27 में भी सुरक्षा, आधुनिक तकनीक, यात्री सुविधाओं और माल परिवहन के क्षेत्र में संतुलित एवं तेज विकास के साथ रेलवे सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपर महाप्रबंधक श्री अशोक माहेश्वरी, जयपुर मंडल रेल प्रबंधक रवि जैन, प्रमुख वित्त सलाहकार गीतिका पांडे, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक मदन राम देवड़ा, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक सीमा शर्मा, प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर अनिल कुमार जैन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजीव श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर अनुराग गोयल, प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा, मुख्य कारखाना इंजीनियर इंद्रजीत दीहाना, उप महाप्रबंधक शशांक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीउपस्थित रहे।