लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सांसद आदित्य यादव पने संसदीय क्षेत्र बदायूँ से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण लोकहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र बदायूँ से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण लोकहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया उन्होंने चन्दौसी-बिसौली-बदायूँ-उसहैत-कायमगंज (लगभग 100 किमी) नई रेलवे लाइन के निर्माण की जोरदार मांग करते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। सांसद ने कहा कि आजादी के 78 वर्षों के बाद भी बदायूँ जनपद का देश की राजधानी दिल्ली एवं प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सीधा रेल संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि लगभग 35 लाख की आबादी आज भी मुख्य रूप से सड़क परिवहन और रोडवेज सेवाओं पर निर्भर है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बरेली मंडल के अधिकांश जनपदों में रेलवे जंक्शन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि बदायूँ अब तक इस मूलभूत सुविधा से वंचित है। यह स्थिति क्षेत्र के संतुलित विकास में बाधा उत्पन्न कर रही है।
सांसद आदित्य यादव ने कहा कि प्रस्तावित चन्दौसी-बिसौली-बदायूँ-उसहैत-कायमगंज रेलवे लाइन बनने से न केवल बदायूँ का सीधा संपर्क दिल्ली, लखनऊ और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों से स्थापित होगा, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रेल मार्ग के रूप में भी विकसित होगी। इससे दिल्ली, बरेली और लखनऊ जैसे व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश से जोड़ते हुए एक प्रभावी ?औद्योगिक गलियारा? के रूप में विकसित हो सकती है। इससे क्षेत्र में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार के अवसर बढ़ेंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही यात्री एवं माल परिवहन दोनों अधिक सुलभ, तेज और किफायती हो सकेंगे, जिससे रेलवे की आय और परिवहन क्षमता में भी वृद्धि होगी। अंत में सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस जनहितकारी और महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए तथा रेलवे बोर्ड के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि बदायूँ जनपद को भी समुचित और आधुनिक रेल संपर्क का लाभ मिल सके।