यूजीसी कानून के विरोध में सोपारी में बैठक संपन्न: श्रवण मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में एकजुट हुए विभिन्न वर्ग के लोग

देवरिया। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी (UGC) से जुड़े नए नियमों और कानूनों को 'अन्यायपूर्ण' बताते हुए इसके विरुद्ध जारी 'जनजागरूकता अभियान' अब तेज होने लगा है। इसी क्रम में आज जनपद के सोपारी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और विभिन्न वर्ग के साथियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
श्रवण मणि त्रिपाठी के आवास पर हुई चर्चा
यह बैठक श्री श्रवण मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में उनके निजी आवास पर संपन्न हुई। बैठक के दौरान वक्ताओं ने यूजीसी के वर्तमान कानून को छात्र हितों और सामाजिक न्याय के विरुद्ध बताते हुए इसे 'काला कानून' करार दिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में इस कानून के प्रावधानों पर कड़ा ऐतराज जताया।
हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का संकल्प
बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल एक विशेष वर्ग ही नहीं, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के साथियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए अन्य वर्गों के प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि वे इस संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि आंदोलन की हर स्थिति और परिस्थिति में उनका पूर्ण सहयोग और समर्थन बना रहेगा।
आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने की रणनीति
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि इस जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे घर-घर और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि आम जनता इस कानून के नकारात्मक प्रभावों के प्रति सजग हो सके