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श्राइन बोर्ड की नई पहल, कटड़ा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय,एलजी मनोज सिन्हा ने जनता व विशेषज्ञों से मांगे सुझाव, पोर्टल पर भेज सकते हैं प्रस्ताव

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श्राइन बोर्ड की नई पहल, कटड़ा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय

एलजी मनोज सिन्हा ने जनता व विशेषज्ञों से मांगे सुझाव, पोर्टल पर भेज सकते हैं प्रस्ताव

कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक नई और महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। कटड़ा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का देवी संग्रहालय स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना को अधिक प्रभावी, आधुनिक और समावेशी बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने जनता, श्रद्धालुओं और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि यह देवी संग्रहालय मां शक्ति की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने, धार्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने और तीर्थ पर्यटन को नई पहचान देने का केंद्र बनेगा। उन्होंने आम नागरिकों, इतिहासकारों, विद्वानों, वास्तुकारों, संग्रहालय विशेषज्ञों और आध्यात्मिक साधकों से अपील की कि वे संग्रहालय के डिजाइन, विषयवस्तु और प्रस्तुति को बेहतर बनाने के लिए अपने विचार साझा करें।

श्राइन बोर्ड ने इसके लिए विशेष पोर्टल www.smvdsbimog.org शुरू किया है, जहां लोग अपने सुझाव और प्रस्ताव भेज सकते हैं। बताया गया कि यह पोर्टल फरवरी माह में शुरू किया गया था, ताकि देश-विदेश के विशेषज्ञ और हितधारक एक साझा मंच पर अपने विचार और संदर्भ प्रस्तुत कर सकें।

श्राइन बोर्ड के अनुसार प्रस्तावित देवी संग्रहालय का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि मां शक्ति की आध्यात्मिक परंपरा, शक्तिपीठों की महिमा, लोक कथाओं और धार्मिक इतिहास को संरक्षित करना भी है। संग्रहालय को एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत के प्रमुख शक्तिपीठों से जुड़ी देवी की विविध प्रतिमाओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

परियोजना के तहत संग्रहालय में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए थ्रीडी मॉडल, वर्चुअल अनुभव और इंटरएक्टिव माध्यमों के जरिए शक्तिपीठों की उत्पत्ति और उनके महत्व को दर्शाया जाएगा। इससे तीर्थयात्रियों को एक नई प्रकार की आध्यात्मिक अनुभूति के साथ-साथ सीखने का अवसर भी मिलेगा।

श्राइन बोर्ड का कहना है कि यह संग्रहालय श्रद्धालुओं और ज्ञान के खोजकर्ताओं दोनों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। यह परियोजना भारत की शाश्वत परंपराओं को आधुनिक और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विश्वास जताया कि यह संग्रहालय भविष्य में कटड़ा को वैश्विक स्तर पर एक अनूठा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।