जम्मू मंडल की सभी टीटीई लॉबी में बायोमेट्रिक साइन-ऑन व साइन-ऑफ प्रणाली लागू

जम्मू मंडल की सभी टीटीई लॉबी में बायोमेट्रिक साइन-ऑन व साइन-ऑफ प्रणाली लागू

अब आधार आधारित डिजिटल उपस्थिति होगी दर्ज, पारदर्शिता व जवाबदेही में होगा बड़ा सुधार

जम्मू। रेलवे संचालन को आधुनिक बनाने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जम्मू मंडल की सभी टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) लॉबी में बायोमेट्रिक साइन-ऑन और साइन-ऑफ प्रणाली को सफलतापूर्वक स्थापित कर लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब टिकट चेकिंग स्टाफ की उपस्थिति पूरी तरह आधार आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बायोमेट्रिक प्रणाली जम्मू मंडल की प्रमुख टीटीई लॉबी जम्मू, श्री माता वैष्णोदेवी कटरा, शहीद कैप्टन तुषार महाजन, श्रीनगर और पठानकोट में पूर्ण रूप से लागू कर दी गई है। अब कर्मचारियों को ड्यूटी शुरू करने और समाप्त करने के समय बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए साइन-ऑन और साइन-ऑफ करना अनिवार्य होगा।

इस पहल से जहां कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था पूरी तरह छेड़छाड़-मुक्त और पारदर्शी बनेगी, वहीं मैन्युअल रिकॉर्डिंग से होने वाली गलतियों पर भी रोक लगेगी। इसके साथ ही यह प्रणाली वास्तविक समय में कर्मचारियों की उपलब्धता और ड्यूटी स्थिति की जानकारी प्रदान करेगी, जिससे रेलवे को कार्यबल प्रबंधन में काफी सुविधा मिलेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने का उद्देश्य टिकट चेकिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल मानवीय त्रुटियों को समाप्त करेगी, बल्कि ड्यूटी पर कर्मचारियों की वास्तविक समय में उपस्थिति सुनिश्चित कर यात्री सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे तकनीक के माध्यम से अपने संचालन को भारत सरकार के 'डिजिटल इंडिया' विजन के अनुरूप लगातार आगे बढ़ा रहा है।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल उपस्थिति प्रणाली से स्टाफ की समयबद्धता सुनिश्चित होगी, ड्यूटी आवंटन अधिक सटीक होगा और टिकट चेकिंग प्रक्रिया में अनुशासन बढ़ेगा। इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि अब सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी और टिकट जांच व्यवस्था अधिक प्रभावी तरीके से संचालित हो सकेगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आधार आधारित डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण उपस्थिति डेटा में किसी भी प्रकार की हेराफेरी की संभावना समाप्त हो जाएगी और सभी जानकारी सुरक्षित रूप से सिस्टम में दर्ज रहेगी।

रेलवे द्वारा इसे जम्मू मंडल में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि बताया गया है, जिससे रेलवे प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

यह जानकारी जनसंपर्क निरीक्षक राघवेंद्र सिंह द्वारा दी गई।