एनएफआर की पहल: मालीगांव रेलवे स्कूल में आधुनिक सुविधाएं, सीबीएसई पाठ्यक्रम से बढ़ेगी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल करते हुए मालीगांव स्थित रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए व्यापक सुधार कार्य किए हैं। इन प्रयासों से विद्यार्थियों को आधुनिक, सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है।

विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक कुल 19 कक्षाओं में पुराने फर्नीचर को हटाकर आधुनिक डेस्क, बेंच, टेबल और कुर्सियों से पूरी तरह बदल दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों के कॉमन रूम, पुस्तकालय और स्टाफ एरिया में भी नए फर्नीचर, कैबिनेट और सोफा सेट की व्यवस्था की गई है, जिससे शिक्षण और कार्य का माहौल अधिक सुविधाजनक हो गया है।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 6 स्मार्ट बोर्ड स्थापित किए गए हैं, जबकि अन्य कक्षाओं में भी स्मार्ट बोर्ड लगाने की प्रक्रिया जारी है। 20 मार्च 2026 को एनएफआर के महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने विद्यालय का दौरा कर इन सुविधाओं का निरीक्षण किया और कार्यों पर संतोष जताया।

इससे पहले 20 फरवरी 2026 को विद्यालय के नवीनीकरण का उद्घाटन किया गया था, जिसमें नए कक्षाओं का निर्माण, खेल मैदान का विकास, प्रवेश द्वार और प्रार्थना कक्ष का नवीनीकरण, शौचालयों का उन्नयन, ग्रेनाइट सीढ़ियां, मजबूत चारदीवारी, नए दरवाजे-खिड़कियां और कॉरिडोर का निर्माण शामिल रहा। ये सभी सुधार छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्ष 2024 में इस विद्यालय को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम से जोड़ा गया, जिससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिला है। इससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

यह विद्यालय खास बात यह है कि रेलवे द्वारा संचालित संस्था न होने के बावजूद यहां रेलवे और गैर-रेलवे दोनों वर्गों के छात्र पढ़ते हैं। वर्तमान में लगभग 7% रेलवे और 93% गैर-रेलवे विद्यार्थियों का नामांकन है, जिसमें बीपीएल श्रेणी के छात्र भी शामिल हैं। नाममात्र शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना इस संस्थान की बड़ी विशेषता है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि एनएफआर भविष्य में भी शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में इसी प्रकार की पहल जारी रखेगा।