फर्जी टिकट गिरोह पर रेलवे की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, दो एटीवीएम फैसिलिटेटर गिरफ्तार

प्रयागराज में फर्जी टिकट जारी करने के मामले में भारतीय रेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ?सर्जिकल स्ट्राइक? की तर्ज पर अभियान चलाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से टिकट कालाबाजारी और धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

रेलवे को 21 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि प्रयागराज क्षेत्र में फर्जी टिकट जारी किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 21 और 22 मार्च को उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के अधिकारियों ने तकनीकी और फील्ड स्तर पर गहन जांच की, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई।

इसके बाद 23 मार्च 2026 को वाणिज्य विभाग और एनसीआर मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया। इस दौरान दो एटीवीएम फैसिलिटेटर?गौरव पाण्डेय और विनय शुक्ला?को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। साथ ही इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी स्रोतों से फर्जी टिकट प्रिंट कराकर यात्रियों को बेच रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था। यह न केवल अवैध गतिविधि है, बल्कि यात्रियों के साथ गंभीर धोखाधड़ी भी है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी रेलकर्मी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। फिलहाल विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत काउंटर या आधिकारिक माध्यम से ही टिकट खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे को दें, ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।