वैष्णो देवी भवन पर हेलीकॉप्टर सेवा बंद, बारिश के बाद बढ़ी मुश्किल; दो दिनों में 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

वैष्णो देवी भवन पर हेलीकॉप्टर सेवा बंद, बारिश के बाद बढ़ी मुश्किल; दो दिनों में 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

प्रतिकूल मौसम के बावजूद, चैत्र नवरात्र में मां वैष्णो देवी यात्रा पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। रिमझिम बारिश और बर्फीली हवाओं के बीच भी भक्त भवन की ओर बढ़ रहे हैं।

कटड़ा। मां वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का उत्साह विपरीत मौसम के बावजूद चरम पर है। रिमझिम बारिश और बर्फीली हवाओं के बीच भी श्रद्धालु पूरी आस्था और जोश के साथ भवन की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं।

पवित्र चैत्र नवरात्र के अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। माथे पर माता की पट्टी, हाथों में झंडा और भजन गुनगुनाते हुए श्रद्धालु ?थाम ले हाथ मेरा मां भवानी?? जैसे भजनों के साथ यात्रा को भक्तिमय बना रहे हैं।

प्रतिकूल मौसम भी उनके कदम नहीं रोक पा रहा। हालांकि, शुक्रवार को दिनभर मौसम खराब बना रहा। रुक-रुक कर हल्की बारिश और तेज बर्फीली हवाओं के चलते आसमान में बादलों का डेरा रहा, जिससे हेलीकॉप्टर सेवा पूरी तरह से स्थगित रही। इसके बावजूद बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं, जिनका श्रद्धालुओं ने भरपूर लाभ उठाया।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मार्गों पर आपदा प्रबंधन दल, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं, जो लगातार यात्रियों की सहायता कर रहे हैं। दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार और घोड़ा सेवा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

भवन में यज्ञशाला की भी सुविधा

भवन परिसर में श्रद्धालु गुफाओं की ओर कतारों में बढ़ते हुए मां के दिव्य दर्शन कर रहे हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु यज्ञशाला में हवन-पूजन कर परिवार की सुख-शांति की कामना कर रहे हैं। वहीं भवन परिसर में स्थापित पंडालों और श्री राम दरबार की सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

चारों ओर ?जय माता दी? के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते भवन, मार्ग और आधार शिविर कटड़ा में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु कटड़ा बाजार में प्रसाद और स्मृति चिन्हों की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजारों में भी रौनक बनी हुई है।

21 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

आंकड़ों के अनुसार, 19 मार्च (प्रथम नवरात्र) को 31,690 श्रद्धालुओं ने यात्रा की, जबकि 20 मार्च (द्वितीय नवरात्र) को दोपहर 3 बजे तक करीब 21 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है।