बिहार लोहार जनजाति आरक्षण क़ो लेकर लोहार अपना राजनीती शक्ति बढ़ायेगा - राष्ट्रीय अध्यक्ष

आला - 16 मार्च 2026क़ो एक बयान जारी कर जनतंत्र वास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज किशोर शर्मा ने कहा कि लालू सरकार की तरह एनडीए सरकार पर भी लोहार जाति का हाय पड़ेगा और यह सरकार तीतर बीतर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 2006 के दशक में लालू प्रसाद ने लोहार को लोहारा लिखवा कर लोहार का आरक्षण विवादित कर दिया इसके बाद से लालू सरकार सत्ता से भी चली गई और आज तक सत्ता में वापस आने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। यह लोहार समाज का हाय है उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने एक्ट 23/ 2016 से लोहार को न्याय देने का काम किया मगर लोहारा के जगह लोहार लिखा नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। जिसके कारण लोहार का आरक्षण 2022 में समाप्त हो गया तब से लोहार समाज तमाम बिहार के बड़े बीजेपी और एनडीए से जुड़े एमपी एमएलए मंत्री मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा और संपर्क कर अपनी मांग को दोहरा रहा है बहुत बार आंदोलन भी हुआ। जिसका ज्ञापन बिहार और केंद्र सरकार को भेजे गए मगर जातिगत दुर्भावना से ग्रसित होकर एनडीए की सरकार Lohara का लोहार लिख हिन्दी सुधार नहीं कर रही है। जिसके कारण लोहार का आरक्षण आज भी विवाद में है लोहार का अनुसूचित जनजाति आरक्षण कही से भी गलत नही है। इस मामले को लेकर लोहार समाज ने 2020 में पाटना हाईकोट मे केश कर रखा है मगर वहां भी सरकार लोहार जाति के केश को खोलने नहीं दे रही है और लोहार को लगातार प्रताड़ित कर रही है उसे का देन है कि बिहार में एनडीए की सरकार लड़खड़ा चुकी है लोहार का आवाज NDA सरकार क़ो सुनना चाहिए वरना आने वाले समय में लोहार जाति का हाय एनडीए पर पड़ेगा। कोई नाम लेने वाला नहीं रहेगा सत्ता में रहने के क्रम में जातिऔर धर्म देख भेदभाव करना संविधान का उल्लंघन है। संविधान से लोहार को अनुच्छेद 342 के अंतर्गत Lohara लिखकर ST का आरक्षण मिला हुआ है जो एक्ट 1976 में लोहार हुआ मगर लालू प्रसाद के रास्ते पर नीतीश कुमार की सरकार चल रही है और लोहार की बात नहीं सुनकर लोहार को लगातार अपमानित और लोहारा लिख करके गाली देने का काम कर रही है। जब कि लोहार मामला स्पेलिंग सुधार का है जिसको लेकर लोहार समाज अब सरकार के विरुद्ध मुखर होगा और अपने राजनीतिक शक्ति बढ़ाने का काम करेगा।