चंदौली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 76,881 मामलों का हुआ निस्तारण

चंदौली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 76,881 मामलों का हुआ निस्तारण

चंदौली। जनपद चंदौली में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारम्भ सदर तहसील सभागार में जनपद न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायालय के कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक अधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुबेदार सिंह, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) राम बाबू यादव, अपर जनपद न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी विकास वर्मा, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनुराग शर्मा, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश परितोष श्रेष्ठ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इशरत परवीन फारूकी सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) निकिता गौड़, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कुंवर जितेंद्र प्रताप सिंह, माधुरी यादव, यज्ञेश कुमार सोनकर, ईशा राय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ इन्दु रानी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

हजारों मामलों का हुआ निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालयों द्वारा विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायाधीश द्वारा 2 इजराय वादों का निस्तारण कर 85,900 रुपये की वसूली की गई।

परिवार न्यायालय में 28 मामलों का निस्तारण, जिनमें 5 दंपतियों को साथ भेजा गया।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 43 मामलों का निस्तारण कर 1,31,50,000 रुपये का प्रतिकर दिलाया गया।

स्थायी लोक अदालत में 5 मामलों का निस्तारण कर 26,47,000 रुपये का समझौता कराया गया।
विद्युत मामलों में 203 मामलों का निस्तारण किया गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 3500 मामलों का निस्तारण कर 10,30,000 रुपये जुर्माना वसूला गया।

रेलवे न्यायालय द्वारा 1850 मामलों का निस्तारण कर 4,14,700 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसी प्रकार सिविल और अन्य न्यायालयों में भी सैकड़ों मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायालयों द्वारा कुल 9173 मुकदमों का निस्तारण किया गया।

बैंकों और राजस्व न्यायालयों में भी हुआ निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद के बैंकों ने 563 ऋण खातों का निस्तारण करते हुए लगभग 7,14,14,000 रुपये का समझौता कराया तथा 3,21,07,000 रुपये नकद वसूली की गई।
वहीं राजस्व न्यायालयों द्वारा 67,145 मामलों का निस्तारण किया गया।

कुल 76,881 मामलों का निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार न्यायालयों, राजस्व विभाग और बैंकों को मिलाकर इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 76,881 मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही न्यायालयों द्वारा 15,90,490 रुपये अर्थदंड, 1,58,82,900 रुपये समझौता राशि तथा 63,70,414 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को त्वरित, सुलभ और सस्ती न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर समाधान हो सके।