एसपी अमृता दूहन ने नशे व संगठित अपराधों पर नकेल डाली: अशोक चांडक

श्रीगंगानगर: हाल ही में राज्य सरकार द्वारा किए गए आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के मद्देनजर अच्छे अधिकारियों के जल्दी तबादले आम जनता में नाराजगी देखी जा रही है।
श्रीगंगानगर एसपी अमृता दूहन का तबादला श्रीगंगानगर से उदयपुर किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है भाजपा नेता अशोक चांडक ने इस शहर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अपने साढ़े आठ महीना के कार्यकाल में अमृता दोहन ने अपने कठोर अनुशासन और अपराधियों के प्रति सख्त छवि के कारण लोगों में काफी विश्वास पैदा किया है। उन्होंने कहा कि अमृता दुहन के पदभार ग्रहण करने के साथ ही जिले में आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगा था और अनेक वारदातों का खुलासा हुआ था, वही गैंगस्टर व उनसे जुड़े हुए लोगों पर भी काफी अंकुश लगा था। इसके साथ ही साथ गैंगस्टरों की चेन को तोड़ते हुए उनको फॉलो करने वालों के साथ-साथ उनके लिए मुखबरी करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया । जिसका परिणाम इन दिनों स्पष्ट रूप से नजर आ रहा था।
चांडक ने कहा कि विभाग का मुखिया ईमानदार होते हैं तो पूरा विभाग ईमानदारी से काम करता है, ऐसे अधिकारियों का जल्दी तबादला किया जाना ठीक नहीं है। किसी भी अधिकारी को दो-तीन महीने तक तो उसे क्षेत्र के जियोग्राफी को समझने में ही लग जाते हैं, उन्होंने कहा कि कहा कि पुलिस कप्तान के तौर पर अमृता दोहन का कार्यकाल काफी शानदार रहा है कार्यभार को संभालने के साथ ही हीरोइन से लेकर मेडिकेटेड नसों के खिलाफ उनके द्वारा चलाया गया अभियान काफी सार्थक रहा।