लोकतंत्र एवं संविधान समीक्षा बिल पर संसद में बहस हेतु यदि सांसदों व विधायकों ने नहीं दिया साथ तो होगा देशव्यापी आंदोलन- शिवमंगल सिंह

महेश प्रताप सिंह

कानपुर। ऑपरेशन विजय बुराइयों के खिलाफ जंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्रांतिकारी एडवोकेट शिवमंगल सिंह आईपी की एक कहावत अक्सर लोगों की जुबान पर रहती है, कि जिस तरह आज तक कोई भगवान की शक्ति का पता नहीं लग पाया उसी तरह आज तक कोई इंसान की भी शक्ति का पता नहीं लगा पाया।उसी कहावत को चरित्रार्थ करते हुए उन्होंने पूरे देशवासियों के हित में एक ऐसा "लोकतंत्र एवं संविधान समीक्षा बिल " ना सिर्फ तैयार किया है, बल्कि उस पर अपनी कार्य योजना के अनुसार निर्णायक संघर्ष का ऐलान भी किया है, जिसमें 28 समाज हितार्थ ऐतिहासिक बदलाव हैं, जिसके पहले संघर्ष में उन्होंने देश की सबसे बड़ी विधायी संस्था संसद में इस बिल पर बहस करवाने हेतु देश के सभी 403 लोकसभा सांसदों एवं 245 राज्यसभा सांसदों के साथ-साथ देश की 28 विधानसभाओं एवं तीन केंद्र शासित विधानसभाओं के लगभग 4100 से अधिक विधायकों एवं लगभग 500 से अधिक छह राज्यों के विधान परिषद सदस्यों को लोकसभा, राज्यसभा एवं विधानसभाओं व विधान परिषदों के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एवं सचिव महोदयों को भेजे पत्र में लिखा है, कि महोदय यह जानकर आपको अवश्य ही प्रसन्नता होगी, कि हमारे गैर राजनैतिक संगठन "ऑपरेशन-विजय" (बुराइयों के खिलाफ जंग) नें देश के हजारों विद्वानों एवं अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों से विचार विमर्श कर अपने करीब 15 साल मजबूत संघर्ष के बाद एक ऐसा "लोकतंत्र एवं संविधान समीक्षा प्रस्तावित बिल" तैयार किया है, जिसमें समस्त देशवासियों के हित में 28 महत्वपूर्ण बदलाव या संशोधन हैं।

जिसकी जानकारी वाले पत्र सभी सांसद एवं विधायक महोदयों तक पहुंचाने हेतु हमने आपके पास भेजे हैं, जिन्हें आप अपने स्तर से सभी सांसद एवं विधायक महोदयों तक हमारे द्वारा भेजे गए पत्र पहुंचवाने की व्यवस्था करवाने की कृपा करें व उसी पत्र की एक कॉपी हम आपको भी भेज रहे हैं।

जिसके संदर्भ में हमारा आपसे विनम्र अनुरोध है, कि आप अपना कीमती समय निकालकर हमारे इस पत्र व इस पत्र के साथ संलग्न पत्र को गंभीरता से लेते हुए, सभी सांसद एवं विधायक महोदयों के पत्र उन तक पहुंचवाने का कष्ट करें। आपका यह सहयोग देश व समाज के लिए एक अहम सहयोग होगा।लोकतंत्र एवं संविधान समीक्षा बिल के संबंध में भेजे गए पत्रों में प्रधानमंत्री से लेकर सभी मुख्यमंत्री एवं सभी मंत्री सांसद व विधायक शामिल हैं।