ग्रीन जोन नहर किनारे गोधना में अपार्टमेंट: मास्टर प्लान की अनदेखी या अधिकारियों की सेटिंग?

डीडीयू नगर/चंदौली। डीडीयू नगर के गोधना गांव क्षेत्र में एक छोटी नहर के किनारे बन रहे बहुमंजिला अपार्टमेंट को लेकर नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की संकरी सड़क के सहारे बड़े आवासीय प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है, जबकि विकास प्राधिकरण के मानकों के अनुसार ऐसे प्रोजेक्ट के लिए न्यूनतम सड़क चौड़ाई और स्पष्ट भू-उपयोग श्रेणी अनिवार्य होती है।

नियमों के जानकारों के मुताबिक किसी भी बड़े आवासीय प्रोजेक्ट या अपार्टमेंट निर्माण के लिए *कम से कम 9 मीटर चौड़ी सड़क का होना आवश्यक माना जाता है*। लेकिन जिस स्थान पर निर्माण कार्य चल रहा है, वहां मौजूद सड़क सिंचाई विभाग की बताई जा रही है और इसकी चौड़ाई 9 मीटर से कम होने की चर्चा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि लेआउट और बिल्डिंग नक्शा आखिर किन आधारों पर स्वीकृत किया गया।

मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि वाराणसी विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2031 में शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्पष्ट भू-उपयोग (Land Use) निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत कई स्थानों को *ग्रीन बेल्ट, कृषि क्षेत्र या जल निकासी से जुड़े संरक्षित क्षेत्र* के रूप में चिन्हित किया गया है,


शहरी नियोजन के सिद्धांतों के अनुसार नहर, तालाब और जल निकासी मार्गों के आसपास का क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और जल प्रवाह बनाए रखने के लिए संवेदनशील माना जाता है।

अब सबसे अहम सवाल यही है कि क्या यह अपार्टमेंट मास्टर प्लान-2031 के अनुरूप वैध आवासीय क्षेत्र में बन रहा है, या फिर ग्रीन बेल्ट और नहर किनारे के संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण कर नियमों की अनदेखी की जा रही है।

नागरिकों कहना है कि शहर के नियोजित विकास और पर्यावरणीय संतुलन से कोई समझौता न हो।