परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: शिक्षक लेटलतीफी से नौनिहालों की पढ़ाई प्रभावित

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: शिक्षक लेटलतीफी से नौनिहालों की पढ़ाई प्रभावित

शहाबगंज। जनपद चंदौली के शहाबगंज क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय मूसाखांड प्राचीन में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन शिक्षकों की कथित लापरवाही के कारण यह प्रयास धरातल पर सफल होता नजर नहीं आ रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार विद्यालय में तैनात शिक्षकों की लेटलतीफी का सिलसिला लगातार जारी है।

निर्धारित समय से विद्यालय खुलने के बावजूद कई शिक्षक एक घंटे या उससे अधिक देर से विद्यालय पहुंच रहे हैं। इससे समय पर पढ़ाई शुरू नहीं हो पाती और शिक्षा ग्रहण करने आए नौनिहालों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।

बताया जा रहा है कि प्राथमिक विद्यालय मूसाखांड प्राचीन में कुल पांच लोगों की तैनाती है। इसके बावजूद निर्धारित समय के काफी देर बाद तक विद्यालय में केवल एक शिक्षक ही मौजूद पाए गए, जबकि अन्य शिक्षक देर से पहुंचते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते हैं तो बच्चों का मनोबल भी प्रभावित होता है और उनकी पढ़ाई का कीमती समय नष्ट हो जाता है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

इस मामले में जब खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहाबगंज से संपर्क किया गया तो खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एक शिक्षक वर्तमान में बीएलओ के कार्य में लगाए गए हैं।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हो पाया है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में विभागीय स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या वास्तव में लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई होती है या नहीं।