इलिया थाने में वसीम की फिर बढ़ी सक्रियता, पुराने रिश्तों की चर्चा फिर तेज

इलिया थाने में वसीम की फिर बढ़ी सक्रियता, पुराने रिश्तों की चर्चा फिर तेज

इलिया थाने के आसपास इन दिनों एक नाम फिर से सुर्खियों में है?वसीम इदरीशी। वही वसीम, जिसका नाम हाल ही में मु0अ0सं0 13/2026, धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में सामने आया था। लेकिन इलाके में चर्चा इस बात की कम और इस बात की ज्यादा है कि मुकदमे में नाम आने के बाद भी वसीम की थाने पर मौजूदगी बिल्कुल बेफिक्र दिखाई दे रही है।

लोग तंज कसते हुए कहते हैं कि आम आदमी तो थाने का नाम सुनते ही दूरी बना लेता है, लेकिन यहां मामला कुछ उल्टा ही नजर आता है?जहां अभियुक्त बताया गया व्यक्ति ही थाने की चौखट पर सबसे सहज दिखाई दे रहा है।

चर्चा है कि पुराने टीम के ही एक दरोगा जी द्वारा वसीम को फिर से थाने पर बैठाया जाने लगा है। शुक्रवार को तो लोगों ने एक ऐसा नजारा भी देखा जिसने चर्चाओं को और हवा दे दी। बताया जाता है कि उक्त दरोगा जी अपनी ही निजी गाड़ी से वसीम को साथ लेकर बनारस गए और फिर उसी गाड़ी से वापस भी थाने तक लेकर आए।

इलाके में लोग इस पूरे घटनाक्रम पर व्यंग करते हुए कहते हैं कि जहां आम लोगों को थाने तक पहुंचने में पसीना छूट जाता है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए बनारस तक का सफर भी थाने की गाड़ी से तय हो जाता है।

कुछ लोग मुस्कुराते हुए कहते हैं कि इलिया में कानून की किताब जरूर मोटी है, लेकिन पहचान की डायरी शायद उससे भी ज्यादा मजबूत है। तभी तो मुकदमे में नाम आने के बाद भी वसीम की थाने पर मौजूदगी उतनी ही सहज दिखाई दे रही है जितनी किसी खास परिचित की हुआ करती है।

अब इलाके में लोग तंज कसते हुए बस इतना पूछ रहे हैं?
?यह महज संयोग है या फिर इलिया में कुछ रिश्ते इतने ?खास? हैं कि मुकदमे भी उनकी रफ्तार नहीं रोक पाते??