पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज खंड पर पुल संख्या 32 (चक्की पुल) और स्टेशनों का रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण।

उत्तर रेलवे में जम्मू मंडल के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज रेल खंड पर परिचालन को पुनः पूर्ण रूप से बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। रेल संरक्षा आयुक्त (उत्तर रेलवे)दिनेश चन्द्र देशवाल, मंडल रेल प्रबंधक,विवेक कुमार, सीनियर डीईएन शुभम पवार व अन्य वरिष्ठ अधिकारीयों ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित पुल संख्या 32 (चक्की पुल) का व्यापक सुरक्षा निरीक्षण किया।
पुल संख्या 32 (चक्की पुल): वर्ष 2022 में भारी बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए इस पुल का निर्माणकार्य रेल प्रशासन द्वारा 'युद्ध स्तर' पर पूरा किया गया है। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले उत्तर रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त ने पठानकोट सिटी रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। जिसमें पेनल रुम मुख्य था। इस दौरान उन्होंने पठानकोट सिटी के नेरो गेज प्लेटफार्म नंबर 4 का भी निरीक्षण किया। यात्री सुविधाओं, सिग्नलिंग प्रणाली और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान खंड पर ट्रेन की सुरक्षित गति का परीक्षण करने के लिए एक नेरो गेज ट्रेन के साथ चक्की रेलवे पुल होते हुए 'स्पीड ट्रायल' डलहोजी रोड से नूरपुर रोड तक आयोजित किया गया। इस निरीक्षण में सीआरएस की टीम ने पुल के गार्डर, ट्रैक एलाइनमेंट और सुरक्षा मापदंडों को ध्यान में रखते हुए, बारिकी से जांच की।
स्टेशनों और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण के साथ डलहोजी रोड, नूरपुर रोड, पालमपुर आदि स्टेशनों की स्थिति की समीक्षा की गई।
सीआरएस की रिपोर्ट सकारात्मक रहने पर, आने वाले समय में पठानकोट सिटी, नूरपुर रोड से जोगिंदर नगर रेल खंड पर नेरो गेज ट्रेनों का सफल संचालन किया जाएगा।

राघवेंद्र सिंह जनसम्पर्क निरीक्षक जम्मू मंडल