चकिया: नगर में इस मंदिर के 65 में स्थापना दिवस पर हुए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम,देवी गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल

विधायक अध्यक्ष व पावर ग्रिड कारपोरेशन के डायरेक्टर,तमाम समाजसेवी सहित कई वरिष्ठ हुए शामिल

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चकिया:नगर के पूर्वी बाजार स्थित श्री श्री दुर्गा मंदिर का 65वां स्थापना दिवस शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर ?जय माता दी? और ?हर हर महादेव? के उद्घोष से गूंजता रहा। भव्य श्रृंगार से सुसज्जित मां के दरबार में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः नौ बजे वाराणसी से पधारे विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक से हुआ। इसके उपरांत 12 घंटे तक अखंड ?शिव दुर्गे?शिव दुर्गे? कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। दोपहर में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश एवं भगवान शिव की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।महाआरती के पश्चात वाराणसी से आए कलाकारों ने देवी जागरण की मनमोहक प्रस्तुति दी। देवी गीतों और पारंपरिक पचरा की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। पूरा परिसर दीपों की रोशनी और भक्ति की ऊर्जा से आलोकित हो उठा। विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।देवी जागरण एवं भंडारे का शुभारंभ विधायक कैलाश आचार्य, पावर ग्रिड भारत सरकार के स्वतंत्र निदेशक एवं पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष काशी नाथ सिंह, नगर चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष संदीप गुप्ता उर्फ आशु, समाजसेवी कैलाश प्रसाद जायसवाल, वरिष्ठ समाजसेविका अर्चना श्रीवास्तव, सभासद ज्योति गुप्ता, समाजसेविका आरती जायसवाल, नागेश पाण्डेय व रिंकू विश्वकर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।इस अवसर पर मुख्य पुजारी सतीश, उमाशंकर गुप्ता, अवकाश प्राप्त अधिशासी अधिकारी गौरी शंकर गुप्ता, मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत कुमार ,अरुण, रुद्र प्रकाश गुप्ता, राजन, मनीष जायसवाल, रमा शंकर गुप्ता, वेद प्रकाश, व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष अंकित गुप्ता, भवानी शंकर गुप्ता, उमाशंकर मौर्या, ईशान गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आपको बताते चलें कि इस मंदिर का इतिहास भी अत्यंत प्रेरणादायी है। वर्ष 1961 में नगर की स्वर्गीय बुधना देवी ने अपने पुत्र स्वर्गीय राम अधार की देखरेख में इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। तब से यह मंदिर नगरवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। विशेषकर नवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है और भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु माता के दरबार में शीश नवाते हैं।