चन्द्रनगर (फिरोजाबाद) में 1108 कुण्डीय मृत्युंजय माँ पीतांबरा महायज्ञ 6 से 17 मार्च तक

चन्द्रनगर (फिरोजाबाद)। निर्माणाधीन यज्ञशाला, बच्चू बाबा आश्रम (निकट राजा का लाल पुलिस चौकी) में पूज्य गुरुदेव के सान्निध्य में आगामी 6 मार्च से 17 मार्च तक 1108 कुण्डीय मृत्युंजय माँ पीतांबरा महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा।

गुरुदेव ने प्रेस वार्ता में महायज्ञ की तिथिवार रूपरेखा, आध्यात्मिक उद्देश्य एवं सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में समरसता, वैचारिक शुद्धि, सांस्कृतिक जागरण और लोककल्याण की भावना को सशक्त करने का व्यापक आध्यात्मिक अभियान है।

महायज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः एवं सायं वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की तीनों पालियाँ, विशेष पूजन, संत-समागम तथा विविध संस्कार कार्यक्रम संपन्न होंगे।

📅 तिथिवार कार्यक्रम

6 मार्च ? शुभारंभ, प्रायश्चित कर्म, नांदीमुख श्राद्ध एवं वैदिक अनुष्ठानों के साथ महायज्ञ का विधिवत प्रारंभ।

7 मार्च ? मातृशक्ति विशाल कलश यात्रा दोपहर 12:00 बजे यज्ञशाला से प्रारंभ होकर राजा के लाल होते हुए बाईपास वैष्णो धाम अंडरपास मार्ग से पुनः यज्ञशाला पहुँचेगी।
आयोजन समिति ने समस्त सनातन धर्मावलंबी माताओं-बहनों से पीत वस्त्र धारण कर श्रद्धापूर्वक कलश लेकर समय से उपस्थित होने का अनुरोध किया है। कलश यात्रा के उपरांत प्रसाद ग्रहण कर ही प्रस्थान करने का निवेदन किया गया है।

8 मार्च ? वेदी पूजन, मंडप प्रवेश एवं यज्ञशाला संस्कार।
इसी दिन अरण्य मंथन द्वारा अग्नि प्राकट्य एवं नियमित आहुतियों का आरंभ।

8 मार्च से प्रतिदिन (दोपहर 1:00 से 5:30 बजे तक) ? अंतरराष्ट्रीय कथाकार एवं समाज सुधारक के मुखारविंद से रामकथा।

9 मार्च से 15 मार्च तक ? प्रतिदिन तीन पालियों में हवन, यजमान सहभागिता, संत प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।

15 मार्च ? पूर्णाहुति एवं विशेष महापूजन।

16 मार्च ? भंडारा एवं प्रसाद वितरण।

17 मार्च ? समापन समारोह एवं आशीर्वचन।

आध्यात्मिक एवं सामाजिक उद्देश्य

गुरुदेव ने बताया कि रामकथा और महायज्ञ का यह समन्वय आध्यात्मिक ऊर्जा को द्विगुणित करेगा। वैदिक अग्नि में आहुति से वातावरण एवं चेतना का शुद्धिकरण होगा, वहीं रामकथा के माध्यम से धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश जन-जन तक पहुँचेगा।

आयोजन समिति ने नगर, प्रदेश एवं देशभर के श्रद्धालुओं से इस महायज्ञ में सहभागिता का आह्वान किया है। मीडिया प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया गया है कि वे इस आध्यात्मिक महोत्सव के व्यापक उद्देश्य को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग दें।

चन्द्रनगर की पावन भूमि पर आयोजित यह महायज्ञ नगर के आध्यात्मिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।