गुजरात के गांधीधाम–आदिपुर रेलखंड का चौहरीकरण, गति और व्यापार को मिलेगा नया बल

गुजरात के गांधीधाम आदिपुर रेलखंड का चौहरीकरण, गति और व्यापार को मिलेगा नया बल

क्षमता वृद्धि, सुगम परिचालन और क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति की दिशा में अहम कदम

10 फरवरी को 120 किमी प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल, रेलवे ट्रैक से दूर रहने की अपील

पश्चिम रेलवे अहमदाबाद मण्डल के गांधीधाम-आदिपुर (10.69 किमी) रेल सेक्शन के बीच चौहरीकरण (Quadrupling) परियोजना के अंतर्गत तीसरी और चौथी लाइन कार्य पूर्ण हो गया है। 9 व 10 फरवरी 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS), पश्चिम सर्कल द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया जायेगा तथा 10 फरवरी 2026 को 120 किमी प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल किया जाएगा। स्थानीय निवासियों से विशेष अनुरोध है कि वे रेलवे ट्रैक से दूर रहे और रेलवे लाइन पार न करें।

अहमदाबाद मंडल अपने रेल नेटवर्क को अधिक सक्षम, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में गुजरात के गांधीधाम आदिपुर रेलखंड के बीच चौहरीकरण तथा आदिपुर स्टेशन पर वाई कनेक्शन देने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। यह परियोजना कच्छ क्षेत्र में बढ़ती रेल मांग को पूरा करने और बंदरगाह आधारित माल यातायात को सुचारु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

ट्रैक लिंकिंग: 17 किलोमीटर

छोटे ब्रिज : 8

अर्थवर्क (मिट्टी कार्य): 2.60 लाख घन मीटर

आदिपुर स्टेशन पर सिग्नल व टेलीकॉम (S&T) एवं ऑपरेटिंग कंट्रोल (OC) बिल्डिंग का निर्माण

चौथी लाइन सहित समस्त सेक्शन का इलेक्ट्रिफिकेशन

इस सेक्शन के बीच आने वाले एकमात्र गोपालपुर रेलवे स्टेशन का छायापुरी स्टेशन की तर्ज पर आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण।

गांधीधाम बी केबिन में प्रमुख यार्ड रीमॉडलिंग कार्य किया गया है, जिसमें 16 नए प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग डाले गए हैं।

आदिपुर स्टेशन पर भी प्रमुख यार्ड रीमॉडलिंग कार्य किया गया है, जिसमें 21 नए प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग डाले गए हैं, साथ ही 1 लूप लाइन भी शामिल है।

परियोजना का महत्व

गांधीधाम आदिपुर ब्रॉडगेज रेलखंड एक महत्वपूर्ण माल ढुलाई खंड है। इस मार्ग से कांडला व मुंद्रा बंदरगाह, भुज, वायोर और अन्य क्षेत्रों का आयात निर्यात माल देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचता है। वर्तमान में यह खंड अत्यधिक व्यस्त (ओवरसैचुरेटेड) है जिससे परिचालन पर दबाव बना रहता है। इन परिचालन बाधाओं को कम करने के लिए दो अतिरिक्त लाइनों की आवश्यकता थी।

भुज, वायोर और हाजीपीर क्षेत्रों से नमक और सामान्य माल भी इसी मार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है। मुंद्रा बंदरगाह की बढ़ती क्षमता को देखते हुए भविष्य में माल यातायात और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में गांधीधाम?आदिपुर के बीच चौहरीकरण से भीड़ कम होगी और मालगाड़ियों का संचालन बेहतर होगा। यह परियोजना कच्छ क्षेत्र के विकास को भी गति देगी।

यह सेक्शन अहमदाबाद मंडल में सबसे अधिक GMT (Gross Million Tonnes) लोडिंग वाला है। इस क्षेत्र से प्रति वर्ष 70 से अधिक जीएमटी लोडिंग होती हैं। चौहरीकरण (Quadrupling) से इस सेक्शन की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारु, समयनिष्ठ और सुरक्षित बनेगा। लाइन क्षमता बढ़ने से यात्री ट्रेनों की समयपालनता सुधरेगी, पीक समय में भी संचालन आसान होगा और नई ट्रेनों या अतिरिक्त फेरों की संभावना बढ़ेगी। यात्रियों को अधिक भरोसेमंद और आरामदायक यात्रा मिलेगी।

गांधीधाम आदिपुर खंड पश्चिम रेलवे का एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है, जो बंदरगाहों, उद्योगों और राष्ट्रीय रेल नेटवर्क को जोड़ता है। इस मार्ग पर माल और यात्री दोनों ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से लाइन क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन बिना रुकावट के हो सकेगा।

नवनिर्मित गोपालपुर नये रेलवे स्टेशन से अहमदाबाद की ओर से आने वाली गाड़ियों को भुज जाने के लिए गांधीधाम में जाकर इंजन रिवर्सल करने की आवश्यकता नहीं होगी और जिससे यात्री गाड़ियां का 20 मिनट समय बचेगा।

आदिपुर स्टेशन पर वाई कनेक्शन से ट्रेनों को दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और ईंधन की बचत होगी, संचालन आसान होगा।

इस परियोजना से कांडला और मुंद्रा जैसे बंदरगाहों से जुड़े कंटेनर, पेट्रोलियम, उर्वरक, खाद्यान्न और अन्य माल के परिवहन में तेजी आएगी। मालगाड़ियों का टर्नअराउंड समय कम होगा, वैगनों का बेहतर उपयोग होगा और लॉजिस्टिक लागत घटेगी, जिससे उद्योगों को लाभ मिलेगा और निर्यात?आयात को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना कच्छ क्षेत्र के औद्योगिक विकास को मजबूती देगी, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी तथा निवेश के लिए अच्छा माहौल बनाएगी।

गांधीधाम आदिपुर चौहरीकरण और वाई कनेक्शन परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो रेल ढांचे को मजबूत करेगी और कच्छ क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक विकास में योगदान देगी।