आज 77वां गणतंत्र दिवस, पीएम, सीएम और मंत्री-विधायक कुछ देर में फहराएंगे तिरंगा

दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने जा रहा है. इस खास मौके पर आज पूरी दुनिया देखेगी कि भारत की लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक विरासत कितनी समृद्ध है. भव्य परेड में सांस्कृतिक विविधता, मिलिट्री ताकत और लोकतांत्रिक मूल्यों का अद्भुत प्रदर्शन किया जाएगा. इस बार रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट यूरोपीय यूनियन के दो प्रमुख नेता हैं. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन. ट्रंप टैरिफ के बीच भारत यूरोपीय यूनियन के साथ 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करने जा रहा है. ऐसे में रिपब्लिक डे पर EU के दो दिग्गजों की उपस्थिति बहुत मायने रखती है.

इस बार गणतंत्र दिवस की थीम ?वंदे मातरम् के 150 वर्ष? रखी गई है. यह राष्ट्रीय गीत की 150 साल पुरानी महत्ता और उसकी प्रेरणा से मिली स्वतंत्रता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को दर्शाती है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत इस साल की परेड, झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केंद्र बिंदु है. इस वर्ष की परेड का एक और प्रमुख आकर्षण 'संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक' थीम पर आधारित पूर्व सैनिकों की झांकी है. झांकी में अमर जवान ज्योति और ऐतिहासिक युद्ध उपकरणों के थ्री-डी मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें टी-55 और विजयंत टैंक, मिग-21, मिराज और जगुआर विमान, आईएनएस मैसूर और आईएनएस राजपूत शामिल हैं. इसमें 1965, 1971 के युद्धों और 1999 के कारगिल ऑपरेशन विजय का भी चित्रण है. झांकी का पिछला भाग राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका को दर्शाएगा, जिसमें बाढ़ राहत, चिकित्सा सेवाएं, शिक्षा और ?मेक इन इंडिया? पहल में उनके योगदान को दिखाया जाएगा.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों/विभागों/सेवाओं की झांकियां शामिल होंगी. ?स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्? और ?समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत? थीम के तहत ये झांकियां ?वंदे मातरम्? के 150 वर्ष और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेंगी. लगभग 10,000 विशेष अतिथियों में वैज्ञानिक, खिलाड़ी, किसान, महिला उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, कारीगर, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, दिव्यांगजन, जनजातीय प्रतिनिधि और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. परेड के बाद इन अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है. इस परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार करेंगे, जो दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं और दूसरी पीढ़ी के अधिकारी हैं. साथ ही सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के गौरवशाली विजेता भी परेड में शामिल होंगे. यूरोपीय संघ (ईयू) की एक छोटी सैन्य टुकड़ी भी परेड में का हिस्सा बनेगीl