कोरबा नगर निगम में भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियां चरम पर – कांग्रेस

कोरबा।�कोरबा नगर निगम में भाजपा शासित परिषद के लगभग एक वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं, लेकिन शहर की जनता आज भी सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस एक वर्ष के कार्यकाल में नगर निगम द्वारा एक भी ठोस और नया जनहितकारी विकास कार्य नहीं किया गया, बल्कि कांग्रेस शासनकाल में निर्मित विकास कार्यों पर लीज, ठेके, मेंटेनेंस और संधारण के नाम पर जनता के पैसों की खुली लूट की जा रही है।

यह आरोप नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू एवं कोरबा शहर कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष व पार्षद मुकेश राठौर ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लगाए।

भ्रष्टाचार की संगठित कार्यप्रणाली का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार अब संगठित रूप ले चुका है। आरोप है कि?

  • एक ही कार्य को पहले ARC/मेंटेनेंस/संधारण के नाम पर कराया जाता है,

  • फिर उसी कार्य के लिए दोबारा फ्रेश टेंडर निकाला जाता है।

  • कई मामलों में काम पहले करवा लिया जाता है और बाद में ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाकर चहेते ठेकेदारों को भुगतान किया जाता है।

  • कुछ मामलों में निगम की मशीनरी भी चहेते ठेकेदारों को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई।
    कांग्रेस ने इसे नियमों, पारदर्शिता और जवाबदेही का खुला उल्लंघन बताया।

कांग्रेस शासन के विकास कार्यों पर लीज-लूट

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा परिषद द्वारा कांग्रेस शासनकाल में विकसित सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
नेताओं ने बताया कि?

  • मेयर द्वारा पदभार ग्रहण करते ही अप्पू गार्डन को लीज पर देने की फाइल पर पहला हस्ताक्षर किया गया।

  • आशोक वाटिका को अर्बन सोसाइटी के माध्यम से लीज पर दिया गया।

  • गीतांजलि भवन, IDSMT हॉल, विवेकानंद परिसर, वीर सावरकर भवन, इतवारी बाजार सामुदायिक भवन एवं गुरु तेग बहादुर सामुदायिक भवन (हेलीपैड के पास) सहित कई सार्वजनिक संपत्तियां निजी संचालन में दी जा चुकी हैं।

  • अन्य भवनों और उद्यानों को भी निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

सर्कस मैदान पर कॉम्प्लेक्स निर्माण का विरोध

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महाराणा प्रताप चौक?बुधवारी बाजार के पास स्थित सर्कस मैदान, जो शहर की एकमात्र खुली सार्वजनिक जगह है, वहां कॉम्प्लेक्स निर्माण की तैयारी की जा रही है। यह मैदान मीना बाजार, सर्कस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं बड़े आयोजनों के दौरान पार्किंग के लिए उपयोग होता है।
यदि यहां निर्माण हुआ तो शहर के मध्य आम नागरिकों के मनोरंजन व सार्वजनिक आयोजनों के लिए कोई खुली जगह नहीं बचेगी।

विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर भाजपा और कांग्रेस वार्डों के बीच खुला भेदभाव किया जा रहा है। भाजपा बहुल क्षेत्रों में दिखावटी काम कराए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों वाले वार्डों की घोर उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम पूरे शहर की संस्था है, किसी एक पार्टी की नहीं।

राजस्व के नाम पर कमीशनखोरी का आरोप

कांग्रेस ने बताया कि बालकोनगर, भदरापारा, परसाभाठा सहित कई वार्डों में नगर निगम द्वारा निर्मित दुकानें वर्षों से खाली पड़ी हैं और जर्जर हो रही हैं। इसके बावजूद नई दुकानें बनाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि नए ठेकों के माध्यम से कमीशनखोरी करना है।

नल-जल योजना में जनता पर आर्थिक बोझ

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के दौरान कोरबा में नल-जल योजना के तहत लगभग 50 हजार नल कनेक्शन निःशुल्क दिए गए थे। आज वही भाजपा शासित निगम नल कनेक्शन के नाम पर ₹4,000 से ₹8,000 तक की मांग कर रहा है।
इसके अलावा?

  • घरेलू जल शुल्क ₹200 प्रतिमाह

  • आवास सह व्यवसाय ₹350

  • पूर्ण व्यावसायिक ₹800

  • गैर-संपत्तिकर दाताओं से ₹60 प्रतिमाह जल शुल्क प्रस्तावित

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुराने बिलों के नाम पर गरीब परिवारों को ₹12,000 से ₹14,000 तक के बिल भेजे जा रहे हैं, जो प्रशासनिक उत्पीड़न है।

कांग्रेस का स्पष्ट आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि?

  • घूसखोरी चरम पर है,

  • भ्रष्टाचार चरम पर है,

  • और जनता के टैक्स के पैसों की सुनियोजित लूट की जा रही है।

जारीकर्ता :
कृपाराम साहू - नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिक निगम कोरबा
मुकेश राठौर - जिलाध्यक्ष, कोरबा शहर कांग्रेस कमेटी एवं पार्षद