सिद्धपुर नगर पालिका को कार्तिकी मेले में पहली बार हुए टेंडर प्रोसेस से रेवेन्यू में बड़ी बढ़त मिली है, जिसका इस्तेमाल डेवलपमेंट के कामों में किया गया है।

सिद्धपुर नगर पालिका को कार्तिकी मेले में पहली बार हुए टेंडर प्रोसेस से रेवेन्यू में बड़ी बढ़त मिली है, जिसका इस्तेमाल डेवलपमेंट के कामों में किया गया है।

सिद्धपुर नगर पालिका ने कार्तिकी पूर्णिमा के सात दिन के मेले से इतिहास में पहली बार फाइनेंशियल प्रॉफिट कमाया है। अब तक यह मेला नगर पालिका के लिए 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' या घाटे का सौदा साबित होता था। इस साल नगर पालिका ने टेंडर प्रोसेस से प्लॉट अलॉट करके 16.56 लाख रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया है।

सिद्धपुर में हर साल लगने वाले कार्तिकी पूर्णिमा मेले के दौरान नगर पालिका खाने-पीने के स्टॉल और एंटरटेनमेंट की सुविधाओं के लिए टेम्पररी प्लॉट अलॉट करती है। सालों से चले आ रहे ऑक्शन सिस्टम की जगह इस साल पहली बार प्रेसिडेंट अनीताबेन पटेल, वाइस प्रेसिडेंट सोनलबेन ठाकर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रश्मिनभाई दवे की लीडरशिप में टेंडर प्रोसेस लागू किया गया।

टेंडर प्रोसेस में मिले महंगे टेंडर की वजह से नगर पालिका को कुल 92.12 लाख रुपये की इनकम हुई। मेले के दौरान सफाई, CCTV कैमरे, पानी की सुविधा, लाइटिंग और दो दिन के लाइव डांस समेत अलग-अलग प्रोग्राम पर कुल 75.55 लाख रुपये खर्च हुए। इस तरह, कुल इनकम में से खर्च घटाने के बाद नगर पालिका के खजाने में 16.56 लाख रुपये बचे हैं।

इस मुनाफे की रकम का इस्तेमाल आने वाले समय में शहर के विकास के कामों में किया जाएगा। नगर पालिका के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रश्मिनभाई दवे ने कहा कि पहले ऑक्शन सिस्टम से काफी इनकम नहीं होती थी। इस साल हुक्मरानों की समझदारी और ट्रांसपेरेंट टेंडर प्रोसेस की वजह से रिकॉर्ड तोड़ इनकम हुई है, जो सिद्धपुर नगर पालिका के इतिहास में एक नया चैप्टर है।