नगला बीच गौशाला में नववर्ष के जशन के बीच बदहाल गौवंश

फिरोजाबाद। जहां एक ओर नववर्ष 2026 पर पूरा देश खुशियों और बधाइयों के माहौल में डूबा है, वहीं दूसरी ओर जिले की एक गौशाला से सामने आई तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं। कड़ाके की ठंड के बीच गौशाला में रह रहे गौवंश की हालत गंभीर बनी हुई है। ठंड से बचाव और समुचित सुरक्षा के अभाव में गायें बेसहाय नजर आ रही हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरक्षक दल के सदस्य देवेश ठाकुर ने बताया कि बुधवार को सड़क किनारे दो घायल गायें मिली थीं, जिन्हें उनके गौरक्षक टीम द्वारा उपचार के लिए आगरा भेजा गया। इसके बावजूद नववर्ष के दिन नगलाबीच गौशाला में दो गायें मरणासन्न हालत में पाई गईं। उनका कहना है कि यह स्थिति गौशाला में मौजूद व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को दर्शाती है।
गौशाला में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि ठंड के मौसम में व्यवस्थाएं बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। फिर भी हम उचित देखभाल कर रहे हैं।वहीं, यह भी बताया गया कि बीमार गायों के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों से संपर्क किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर उपचार कराया जाता है।
स्थानीय लोगों और गौरक्षक दल के सदस्यों का कहना है कि गौशाला में ठंड से बचाव के लिए और अधिक ठोस इंतजाम किए जाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने बताया कि गौशाला में एक तरफ दीवार न होने के कारण बाहरी कुत्ते गौशाला में घुस आते है जिससे गायो की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।जल्द से जल्द गौशाला की दीवार लगवाई जाए ताकि गायों की उचित सुरक्षा हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था पर पंचायत सचिव धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दो गायें घायल थीं, जिनका उपचार पशु चिकित्सक उत्तम सिंह द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। डॉक्टर के अनुसार गायों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
खंड विकास अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले पानी की टंकी के ध्वस्तीकरण के दौरान गौशाला की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। बुधवार तक मलबा हटाने का कार्य चलता रहा और अब शुक्रवार से दीवार निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।