हरदोई में मंडी की बदहाली पर निदेशक सख्त, संडीला में खराब टंकी-लाइटों पर मांगा स्पष्टीकरण, किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

हरदोई। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने संडीला और हरदोई मंडी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संडीला मंडी में पानी की टंकी और कई हाईमास्ट लाइटें खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं, हरदोई मंडी में सीसी सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि अन्य स्थानों पर खर्च किए जाने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने साफ-सफाई, सड़कों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अभिलेखों, क्रय केंद्रों और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को ?स्वच्छ मंडी?शुभ मंडी? अभियान के तहत व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और किसानों व व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संडीला की नवीन मंडी में खराब पानी की टंकी और हाईमास्ट लाइटों की लंबे समय से मरम्मत नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर जिम्मेदारी तय करने को कहा। क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल पैच रिपेयरिंग, अधूरे अभिलेखों को दुरुस्त करने, हैंडलिंग ठेके की व्यवस्था करने, अवैध कब्जे हटाने और नीलामी चबूतरों की मरम्मत के निर्देश भी दिए।
हरदोई मंडी में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत सीसी सड़क निर्माण की धनराशि सक्षम अनुमति के बिना अन्य स्थानों पर खर्च किए जाने पर उपनिदेशक (निर्माण) का जवाब असंतोषजनक पाया गया। निदेशक ने नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा में उन्होंने क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया दो दिन में पूरी करने को कहा। निदेशक ने किसानों और व्यापारियों से संवाद कर समस्याएं सुनीं तथा उनके निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।