विकास का ढिढोंरा पर चहुँ ओर बारिश से जल भराव

ऊंचाहार,रायबरेली।सोमवार की सुबह भारी बरसात ने क्षेत्र के विकास की कलई खोल कर रख दी।बात चाहे ग्रामीण अंचलों की हो,नगर पंचायत की हो या फिर एनटीपीसी परियोजना के इर्द गिर्द बसे गांवों की हो।झमा झम बारिश ने जल निकास की व्यवस्था को चुनौती दी है।हालांकि बड़े बड़े मंचों से विकास की बड़ी बड़ी बातें समाचार पत्रों प्रकाशित होती है।लगभग तीन चार घंटों की बारिश ने विकास की पोल खोलकर रख दिया।चाहे ऊंचाहार एनएच मार्ग हो या ग्रामीण अंचल सड़कों के ऊपर से बारिश के पानी जलभराव दिखने लगा।वही ग्रामीण अंचलों में जल निकास की व्यवस्था सही न होने से लोगों के घरों तक बारिश के पानी ने दस्तक दे दिया।एनटीपीसी परियोजना के इर्द गिर्द बसे गांवों में बिकई बभन पुर,गोसाईं का पुरवा,निरंजनपुर,खानपुर आदि गांवों में जल निकास व्यवस्था न होने से लोगों के घरों तक बारिश का पानी पहुंच गया,ग्रामीणों का अपने घर से निकलने वाला मार्ग बाधित हो गया है।क्योंकि जो गांव एनटीपीसी परियोजना के बाउंड्री वाल से घिरे हुए वहां पर परियोजना की तरफ बारिश के पानी का निकास बंद होने से गांवों में जल भराव की विकट समस्या बन गई है।ग्रामीणों में जल भराव की समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन और परियोजना के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।विकास का ढिढोंरा मंच से पीटने वाले लोगों को महज तीन चार घंटे की बारिश दिखा दिया कि विकास किसका हुआ है और जमीनी स्तर पर क्या हुआ।विकास कागजो तक ही सीमित रहा।बड़े बड़े दावों और वादों को बारिश खोखला साबित कर दिया है।